सेंट्रल मार्केट तिरंगा चौक पर में पांचवे दिन भी धरने पर बैठी महिलाएं को संबोधित करता युवक।
मेरठ। सेंट्रल मार्केट के व्यापारियों को न्याय दिलाने के लिए प्रस्तावित दिल्ली न्याय यात्रा को लेकर बुधवार को भारी असमंजस की स्थिति बनी रही। एक ओर अखिल भारतीय हिंदू सुरक्षा संगठन के राष्ट्रीय अध्यक्ष सचिन सिरोही व्यापारियों और महिलाओं के साथ दिल्ली कूच पर अड़े रहे, वहीं दूसरी ओर व्यापारियों के व्हाट्सएप ग्रुप्स पर यात्रा स्थगित करने और धरना स्थल को ही मोर्चा बनाने का मैसेज तेजी से वायरल हो गया।
सेंट्रल मार्केट के व्यापारियों और महिलाओं के बीच सुबह से ही एक मैसेज फ्लैश हो रहा है, जिसमें कहा गया है—दिल्ली यात्रा नहीं, धरना स्थल ही होगा हमारा मोर्चा। इस मैसेज के बाद पैदल यात्रा के स्थगित होने की चर्चाएं गर्म हैं।
इससे पहले सचिन सिरोही ने 15 अप्रैल (बुधवार) को सुबह 10 बजे शास्त्रीनगर से दिल्ली स्थित गृहमंत्री आवास तक पैदल यात्रा का आह्वान किया था। उनकी योजना व्यापारियों को साथ लेकर संसद के माध्यम से विशेष बिल पास कराने की मांग करने की थी।
एसपी सिटी विनायक गोपाल भोंसले ने सुप्रीम कोर्ट के आदेशों का हवाला देते हुए यात्रा पर पूरी तरह पाबंदी लगा दी है। नौचंदी पुलिस ने महिलाओं से संपर्क कर उन्हें यात्रा में शामिल न होने और दोपहर 2 बजे के बाद केवल शांतिपूर्ण धरना देने की हिदायत दी है।
पैदल यात्रा की घोषणा के बाद मेरठ और दिल्ली की खुफिया एजेंसियां हाई अलर्ट पर हैं। शास्त्रीनगर और सेंट्रल मार्केट क्षेत्र में भारी पुलिस बल तैनात किया गया है ताकि किसी भी स्थिति में भीड़ दिल्ली की ओर कूच न कर सके।
सचिन सिरोही का दावा है कि वे शांतिपूर्ण ढंग से अपनी आवाज उठाना चाहते हैं और सरकार को व्यापारियों के हित में विशेष कानून बनाना चाहिए। हालांकि, व्यापारियों के बीच यात्रा को लेकर उभरे नए संदेशों ने फिलहाल 'न्याय यात्रा' के भविष्य पर सवालिया निशान लगा दिया है।
शास्त्रीनगर और सेंट्रल मार्केट में तनावपूर्ण शांति बनी हुई है। पुलिस बल चप्पे-चप्पे पर तैनात है और प्रदर्शनकारी अब अपनी अगली रणनीति बनाने में जुटे हैं।