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यूपी: जमीन विवाद में चली गोलियां, मची भगदड़, कैंपेन मशीन को किया आग के हवाले

Sat, 06 Oct 2018 09:37 PM IST
यूपी डेस्क, अमर उजाला, शामली
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कैंपेन मशीन में आग लगाई - फोटो : अमर उजाला
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यूपी में शामली के गांव दथेड़ा के जंगल में विवादित भूमि से धान की फसल काटने को लेकर दो पक्षों में विवाद होने पर गोलियां चल गईं। गोलियां चलने पर भगदड़ मच गई। वहीं, एक पक्ष के लोगों ने कैंपेन मशीन को भी आग के हवाले कर दिया। गनीमत है कि फायरिंग में कोई व्यक्ति घायल नहीं हुआ है। कैंपेन मशीन संचालक ने पुलिस को तहरीर देकर कार्रवाई की मांग की है।  

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चौसाना चौकी क्षेत्र के गांव दथेड़ा में करीब पांच वर्ष पूर्व हरियाणा के जनपद करनाल के गांव अंधेड़ा निवासी सुरेंद्र कश्यप ने करीब 47 बीघा जमीन खरीदी थी। बाद में उक्त भूमि पानीपत निवासी नेमपाल पक्ष को बेच दी गई, जिसमें भुगतान की कुछ रकम बाकी रहने के कारण दोनों पक्षों में भूमि के स्वामित्व को लेकर विवाद चल रहा था। 

शुक्रवार की रात सुरेंद्र कश्यप पक्ष के लोग उक्त भूमि पर उगी धान की फसल की कटाई करने पहुंच गए। फसल कटाई के लिए गांव खोडसमा निवासी कुलदीप की कैंपेन मशीन मंगाई गई थी। मशीन को लेकर वाजिद और आशू फसल काट रहे थे। शुक्रवार की रात में फसल काटे जाने की सूचना मिलने पर नेमपाल पक्ष के लोग मौके पर पहुंच गए और फसल काटने का विरोध करते हुए फायरिंग कर दी। इससे सुरेंद्र पक्ष के लोगों में भगदड़ मच गई। आरोप है कि कैंपेन चालक वाजिद के साथी आशू को भी बंधक बनाकर पीटा गया, जबकि वाजिद जान बचाकर भाग निकला। आरोप है कि इसके बाद नेमपाल पक्ष के लोगों ने पेट्रोल छिड़क कर कैंपेन मशीन को भी आग के हवाले कर दिया। शनिवार सुबह करीब नौ बजे तक भी केंपेन के इंजन में आग लगी रही। 
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उधर, कैंपेन मशीन संचालक कुलदीप निवासी खोडसमा ने चौसाना चौकी पुलिस को तहरीर देकर फायरिंग करने और कैंपेन मशीन को आग लगाने वालों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है। चौसाना चौकी प्रभारी अजय कसाना ने बताया कि जानकारी मिली थी। घटना की जांच की जा रही है। फायरिंग और कैंपेन मशीन को आग लगाने वालों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।

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कोर्ट से सुरेंद्र के पक्ष में आया था फैसला
दथेड़ा गांव के जंगल में जमीन के मालिकाना हक को लेकर सुरेंद्र और नेमपाल पक्ष का विवाद मंडलायुक्त के न्यायालय भी पहुंचा था। वहां से सुरेंद्र के पक्ष में फैसला आया था, लेकिन सुरेंद्र को जमीन पर कब्जा नहीं मिल सका था। नेमपाल पक्ष के लोगों ने ही भूमि पर अपना कब्जा कर रखा था। 
 
भूमि पर कब्जे को लेकर होती रही घटनाएं  
चौसाना चौकी क्षेत्र यमुना खादर में है। यहां हरियाणा के लोग कृषि भूमि खरीदकर खेती करते हैं, लेकिन इस इलाके में भूमि पर कब्जे को लेकर विवाद भी बने हुए हैं। गांव दथेड़ा के अलावा अन्य गांवों में भी इसी तरह के विवाद पूर्व में सामने आ चुके हैं। दथेड़ा गांव की जमीन को लेकर हुए विवाद में दोनों पक्ष हरियाणा के ही रहने वाले हैं। 

उधर, कैराना क्षेत्र में भी यमुना खादर की जमीन को लेकर हरियाणा और यूपी के किसानों में हर साल फसल की कटाई के दौरान फायरिंग होती हैं। बीते वर्ष झिंझाना क्षेत्र के गांव बल्हेड़ा में तो जबरन फसल काटने के विरोध पर एक किसान की गोली मारकर हत्या तक कर दी गई थी।

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