भाकियू और भाजपा कार्यकर्ताओं के बीच बनी टकराव की स्थिति
मुजफ्फरनगर। भाकियू अध्यक्ष चौधरी नरेश टिकैत के भाजपा नेताओं को शादी और तेरहवीं की चिट्ठी नहीं देने के बयान के बाद जाट बहुल गांवों में भाजपा और भाकियू कार्यकर्ताओं के बीच टकराव जैसी स्थिति बनती जा रही है। इस बयान को विरोधी दल भी हवा दे रहे हैं। ऐसे में चौधरी नरेश टिकैत का रुक भी कुछ नरम हुआ है। उन्होंने किसानों से शांति और संयम बनाए रखने की अपील की है।
नरेश टिकैत ने यह बयान हाल ही में सिसौली में हुई भाकियू की मासिक पंचायत मे दिया था। नरेश टिकैत भाकियू अध्यक्ष होने के साथ बालियान खाप के मुखिया भी है। केंद्र सरकार राज्य मंत्री संजीव बालियान भी बालियान खाप से ही आते हैं। बयान के बाद वह शादी समारोह में शामिल हुए हैं। संजीव बालियान ने कहा भी नरेश टिकैत यह बयान भाकियू अध्यक्ष के रूप में दिया है, खाप चौधरी के रूप में नहीं। हालांकि टिकैत की घोषणा को आधार बनाकर रालोद, कांग्रेस, सपा नेता भाजपा के खिलाफ माहौल तैयार करने में लगे हैं। कांग्रेस नेता सांसद दीपेंद्र हुड्डा और इमरान मसूद नरेश टिकैत शनिवार को बघरा में हुई पंचायत में नरेश टिकैत के बयान को आधार बनाकर भाजपा नेताओं के बहिष्कार की बात मंच से कही। रालोद नेता जयंत चौधरी मंच से ही भाजपा के खिलाफ लोटा नमक डलवा चुके हैं। जाट रालोद का परंपरागत वोट बैंक रहा है, अन्य दलों का फोकस भी फिलहाल इन्हीं पर है। सपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव ने सपा जिलाध्यक्ष प्रमोद त्यागी के माध्यम सिसौली नरेश टिकैत को अपना संदेश पहुंचाया और किसानों के साथ रहने का आश्वासन दिया।
अन्य किसान जातियों में हलचल नहीं
मुजफ्फरनगर। भाकियू के फरमान का असर यहां ठाकुर, त्यागी, सैनी, गुर्जर आदि किसान जातियों के गांवों में नहीं है। भाजपा नेता इन गांवों में आसानी से आ जा रहे हैं।