सीसीएसयू कैंपस में मंगलवार को एलएलएम में एडमिशन के लिए काउंसिलिंग हुई, लेकिन कंप्यूटर से डाटा उड़ने की वजह से काउंसिलिंग के लिए आए अभ्यर्थियों को इंतजार करते-करते सुबह से रात हो गई। कई जिलों से पुरुष और महिला अभ्यर्थी आए थे। कोई परिवार तो कोई बच्चों के साथ आया। मेरठ मंडल के अलावा मुरादाबाद, फरीदाबाद और बिजनौर तक से अभ्यर्थी आए थे। एलॉटमेंट लेटर देने का काम देर रात तक चला।
विवि ने 220 एलएलएम की सीटों के लिए एंट्रेंस टेस्ट कराया था। क्वालीफाई करने वाले अभ्यर्थियों की मेरिट बनाई। सीट से ढाई गुणा अभ्यर्थियों को मंगलवार को काउंसिलिंग के लिए बुलाया गया। कैंपस के नेताजी सुभाषचंद्र बोस प्रेक्षागृह में काउंसिलिंग हुई। विवि पहली बार काउंसिलिंग के जरिए एलएलएम में एडमिशन कर रहा है। मेरठ कॉलेज में एमएलएम की 120 सीटें, एनएएस कॉलेज में 60 और सीसीएसयू कैंपस में 40 सीटें हैं।
कैंपस में एलएलएम सेल्फ फाइनेंस कोर्स के रूप में है। अधिकांश अभ्यर्थियों का फोकस मेरठ कॉलेज में एडमिशन पर था। काउंसिलिंग सुबह शुरू हो गई, लेकिन वेरिफिकेशन के बाद अभ्यर्थियों का जो डाटा दिया गया, वह कंप्यूटर से उड़ गया। इस काम को दोबारा करने में करीब तीन घंटे लग गए। इस दौरान मेरठ जिले के अलावा मुजफ्फरनगर, सहारनपुर, शामली, बिजनौर, मुरादाबाद, फिरोजाबाद, दिल्ली, गाजियाबाद, बुलंदशहर आदि जिलों से आए अभ्यर्थियों को काफी परेशानी का समना करना पड़ा। देर रात तक एलॉटमेंट लेटर देने का काम चल रहा था।