मेरठ। मेडिकल कॉलेज में बागपत निवासी कोरोना मरीज की आंखों की रोशनी चली गई। वहीं, इलाज में लापरवाही बरती गई। इसको लेकर भाजपा नेताओं ने शनिवार को नोडल अधिकारी से शिकायत की है।
भाजपा नेता आशीष अग्रवाल ने नोडल अधिकारी पवन कुमार को बताया कि मेडिकल कॉलेज के डॉक्टरों की लापरवाही से एक मरीज की आंखों की रोशनी चली गई। कोविड अस्पताल के वार्ड बॉय ने मरीज के परिजनों को इसकी जानकारी दी तो प्रबंधन ने उसे धमकाया। इस संबंध में मरीज के बेटे की ऑडियो और वीडियो भी सोशल मीडिया पर वायरल हो रही है। जिससे मेडिकल कॉलेज की सच्चाई पता चल रही है। बीती सात जुलाई को बागपत निवासी 60 वर्षीय व्यक्ति को मेरठ मेडिकल के कोरोना वार्ड में भर्ती कराया था। उपचार के दौरान उनकी आंखों की रोशनी चली गई। वहीं, उच्च रक्तचाप के चलते वह रात में बेड से गिर गए। उनके सिर में गंभीर चोट लगी। उन्हें उठाने कोई नहीं आया। इसके चलते वे फरीदाबाद में निजी अस्पताल में वेंटिलेटर पर हैं। भाजपाइयों उस दिन की सीसीटीवी फुटेज के साथ आधिकारिक जांच की मांग की। नोडल अधिकारी ने भाजपा नेताओं को जांच कराने का आश्वासन दिया है।