गांव की चकरोड़ से बर्मिंघम तक दिलचस्प रहा अन्नू का सफर
भाला फेंक प्रतिस्पर्धा की खिलाड़ी अन्नू ने केरल में आयोजित 25वें नेशनल फेडरेशन कप सीनियर एथलेटिक्स प्रतियोगिता में 61.15 मीटर के साथ स्वर्ण पदक पर कब्जा जमाकर एशियन गेम्स व कॉमनवेल्थ गेम्स के लिए भी जगह पक्की कर ली थी। सरधना के बहादरपुर गांव निवासी अन्नू रानी ने गांव की चकरोड़ से अभ्यास कर अंतरराष्ट्रीय स्तर तक परचम लहराया है। 2022 टोक्यो ओलंपिक में स्वास्थ्य खराब होने के कारण अन्नू पदक जीतने से चूक गईं थीं। लेकिन बर्मिंघम में उन्होंने पदक की चाहत को पूरा कर दिखाया।
गन्ने को भाला बनाकर किया भाला फेंक का अभ्यास
जैवलिन क्वीन के नाम से पहचानी जाने वाली अन्नू के संघर्ष की कहानी किसी फिल्म से कम नहीं है। गांवों की पगडंडियों पर खेलते और गन्ने को भाला बनाकर प्रैक्टिस करने वाली अन्नू एक दिन विदेश में होने वाली प्रतिस्पर्धाओं में देश का प्रतिनिधित्व करेंगी, यह शायद ही किसी ने सोचा होगा, लेकिन अपने संघर्ष और कड़ी मेहनत के दम पर उन्होंने ये कर दिखाया। अब वह जीत के इरादे से मैदान पर उतरेंगीं।