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Exclusive: जमातियों ने बिगाड़ी सहारनपुर मंडल की स्थिति, हाॅटस्पाॅट के बाद अब बफर जोन बनाने की तैयारी

Sat, 18 Apr 2020 02:04 AM IST
Dimple Sirohi न्यूज डेस्क, अमर उजाला, सहारनपुर
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कमिश्नर संजय कुमार - फोटो : amar ujala
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सहारनपुर। कोरोना वायरस के मामले में मंडल को संवेदनशील स्थिति में लाने में तब्लीगी जमात के लोगों की आवाजाही बड़ा कारण है। इसीलिए अब हॉटस्पॉट के अलावा बफर जोन बनाने की कवायद की जा रही है। तीनों जिलों के जिलाधिकारी और एसएसपी विस्तृत योजना पर काम कर रहे हैं। कमिश्नर संजय कुमार ने कोरोना से लेकर तब्लीगी जमात और कोरोना की जांच लैब सहित अन्य मुद्दों पर अमर उजाला के साथ विस्तार से बातचीत की। प्रस्तुत हैं बातचीत के प्रमुख अंश: -

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प्रश्न: सहारनपुर मंडल के संवेदनशील श्रेणी में आने के पीछे बड़ी वजह क्या रही।
उत्तर: यहां के मदरसों में तब्लीगी जमात का मूवमेंट काफी रहता है। ऐसे में यह मंडल बेहद संवेदनशील घोषित हुआ है। तब्लीगी जमात के लोगों में पॉजिटिव केस आता गया और इनसे जुड़े लोगों में भी संक्रमण होता चला गया। जिसकी वजह से फिलहाल तक सहारनपुर में 51 पॉजिटिव केस मिले हैं। इनमें 50 केस तब्लीगी जमात से हैं या उनसे संपर्क रखने वाले हैं।

प्रश्न: हॉटस्पॉट के बाद बफर जोन की बात आ रही है, इसका क्या मकसद है।
उत्तर: हॉटस्पॉट को तो हम पूरी तरह से सील करते ही हैं। अब हॉटस्पॉट से लगते करीब एक किलोमीटर एरिया को बफर जोन के तौर पर चिह्नित किया जा रहा है। इसमें सारी गतिविधियों पर भी रोक लगाई जाएगी। ऐसी जगहों पर प्रशासन अपनी तरफ से हर जरूरी सामान उन्हें मुहैया कराएगा। मेडिकल इमरजेंसी की हर सुविधा मिलेगी। सभी लोगों की स्क्रीनिंग की जाएगी।

प्रश्न : वर्तमान में मंडल में सैंपल की रिपोर्ट नहीं आ पा रही है। मुख्यमंत्री ने मंडल स्तर पर लैब खोलने की बात कही थी, उस ओर क्या कोई प्रगति हुई है।
उत्तर: मैं ये बता देना चाहता हूं कि शुरू के दिनों में 10 से 15 सैंपल जांच के लिए जाते थे, लेकिन तब्लीगी जमात से मामला जुड़ने के बाद सारी जगहों पर सैंपल की तादाद बढ़ने लगी। जिस पर मुख्यमंत्री ने मंडल स्तर पर लैब की मंजूरी दी। फिलहाल की बात करें तो 150 से 200 तक सैंपल भेजे जा रहे थे।

गुरुवार रात 290 सैंपल भेजे गए हैं। जांच को लेकर कुछ लैब पर लोड अधिक होने की वजह से जांच रिपोर्ट आने में देरी हुई है। अब ये दिक्कतें दूर हो गईं हैं। रिपोर्ट आनी शुरू हो जाएंगी। सैमसंग कंपनी ने शासन से तीन दिन पहले ही अनुबंध किया है। जिसके तहत राजकीय मेडिकल कॉलेज में एक लैब बनाना प्रस्तावित हो गया है। इसमें एक दिन में 400 से 500 सैंपलों की जांच होगी।
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प्रश्न: पॉजिटिव केस बढ़ने या किसी तरह की कोरोना संक्रमण की चुनौती पर भविष्य की क्या तैयारियां हैं।
उत्तर: सहारनपुर में कोविड-एल-वन लेवल का अस्पताल है। जिसमें 30 बेड हैं। इसके अलावा 100 बेड की और व्यवस्था की गई है। ग्लोकल मेडिकल कॉलेज में कोविड-टू लेवल का अस्पताल तैयार कर लिया गया है। यहां पर 200 बेड हैं।

राजकीय मेडिकल कॉलेज में 30 बेड की व्यवस्था है। उसे 60 और 100 में तब्दील करने जा रहे हैं। सरकार से निर्देश है कि जो जमाती पॉजिटिव हैं पहले उनका इलाज किया जाए, जब वह स्वस्थ हो जाएं तो उन्हें डिटेंशन सेंटर में रखा जाएगा, इसी दौरान इन पर कार्रवाई की जाएगी।

कमिश्नर ने अमर उजाला के माध्यम से जनता को दिया संदेश, जताया आभार
कोरोना को हराने के लिए जनता का साथ बेहद जरूरी है। सोशल डिस्टेंसिंग करीब डेढ़ से दो मीटर रखें। मास्क लगाना अनिवार्य है, अन्यथा आईपीसी और डिजास्टर मैनेजमेंट एक्ट के तहत कार्रवाई होगी। घर, परिवार या पड़ोस में कोई संदिग्ध लगे तो उसे छिपाने की जरूरत नहीं है। मेडिकल और पुलिस की टीम सहायता को तुरंत पहुंचेगी। हर नागरिक, एक अच्छे नागरिक का सम्मान और ख्याल करें। असक्त, बीमार की मदद करें।
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