उपाध्यक्ष एमडीए राजेश कुमार ने बताया कि मोबाइल एप एंड्रायड फोन पर उपयोग किया जा सकता है। प्रत्येक प्रॉपर्टी के लिए एक आईडी जेनरेट की गई है।
उन्होंने बताया कि अवर अभियंता व मेट यह मोबाइल एप डाउनलोड करेंगे और यूजर आईडी व पासवर्ड के जरिए इस एप का प्रयोग कर अवैध निर्माण की जानकारी, ई चालान व सील लगने के बाद भी अवैध निर्माण जारी रहने पर अभियोजन की प्रक्रिया भी बेहतर ढंग से कर सकेंगे। गुरुवार प्रात नौ बजे से यह एप उनके लिए प्रभावी हो जाएगा।
उन्होंने बताया कि मोबाइल एप नगरीय नियोजन अधिनियम 1973 में दिए गए प्रावधानों के अंतर्गत कार्य करेगा और इसके जरिए अवैध निर्माणों पर लगाम लगेगी। इस अवसर पर सचिव एमडीए प्रवीण अग्रवाल, मुख्य अभियंता एमडीएम दुर्गेश श्रीवास्तव सहित अन्य अधिकारी मौजूद रहे।