मेरठ। चौधरी चरण सिंह विश्वविद्यालय में चल रही तीन दिवसीय बोटैनिकल इंटरनेशनल कॉन्फ्रेंस के तहत बुधवार को छात्र-छात्राओं ने सांस्कृतिक प्रस्तुतियां दी। विश्वविद्यालय में इस प्रकार का यह आयोजन पहली बार हुआ है, जब प्रतिभागियों ने रैंप वॉक के माध्यम से समाज को वस्तुओं के पुनः प्रयोग कर ऊर्जा बचाने का संदेश दिया। फैशन शो ने दर्शकों की जबरदस्त प्रशंसा बटोरी।
सांस्कृतिक कार्यक्रमों की कोऑर्डिनेटर प्रो. अलका तिवारी ने बताया कि परिधान फैशन शो में विद्यार्थियों द्वारा बचे हुए कपड़ों के टुकड़ों, काम में न आने वाली आउटडेटेड, शाल व साड़ियां, डेनिम के कपड़े, पुरानी छतरियो के कपड़े आदि से पारंपरिक पोशाकें तैयार की और उन पोशाक को पहनकर रैंप वॉक प्रस्तुत की। इसके माध्यम से कलाकारों ने संदेश दिया की अनुपयुक्त व पुराने त्याग दिए गए कपड़ों को पुनः प्रयोग में लाया जा सकता है। इससे हमारी ऊर्जा और अर्थ दोनों की बचत होती है, जो सस्टेनेबल डेवलपमेंट अर्थात सतत विकास प्रक्रिया का महत्वपूर्ण अंग है।ललित कला विभाग द्वारा ट्रांसजेंडर पर आधारित नृत्य नाटिका ने भी सभी को भाव विभोर कर सोचने पर मजबूर कर दिया। वहीं महाभारत का द्रोपदी चीर हरण पर प्रस्तुत नृत्य नाटिका, दुशासन और कृष्ण का शानदार अभिनय कर यश आनंद, दीप्ति, ने भरपूर तालियां बटोरी।