माध्यमिक शिक्षा परिषद के क्षेत्रीय सचिव राणा सहस्रांशु कुमार सुमन की जांच में मुजफ्फरनगर में शिक्षा विभाग के अधिकारियों और नकल माफिया के बीच मिलीभगत सामने आई है। सचिव ने अपनी जांच रिपोर्ट शासन को भेज दी है। उन्होंने परीक्षा केंद्र प्रभारी को बोर्ड के कार्यों से आजीवन डिबार (बहिष्कार) करने, दोषी राजकीय कॉलेजों में भविष्य में व्यक्तिगत आवेदन के अग्रसारण केंद्र न बनाने की संस्तुति की है।
इंदिरा कॉलोनी निवासी रविंद्र कुमार की शिकायत पर माध्यमिक शिक्षा परिषद के क्षेत्रीय सचिव ने जनता इंटर कॉलेज बाढ़ के परीक्षा केंद्र पर सामूहिक नकल प्रकरण की जांच की। जांच कमेटी ने पाया कि शिक्षा विभाग के अफसरों ने नियमों की अवहेलना करते हुए नकल माफिया से मिलकर मनमर्जी से व्यक्तिगत आवेदन पत्र जमा करने के केंद्र बनाए और उन्हीं की मर्जी से जनता इंटर कॉलेज बाढ़ को परीक्षा केंद्र बनाया गया। क्षेत्रीय सचिव ने माध्यमिक शिक्षा परिषद प्रयागराग के सचिव और शासन को अपनी रिपोर्ट भेज दी है। इस रिपोर्ट की कॉपी शिकायतकर्ता को भी उपलब्ध करा दी गई है। जांच रिपोर्ट में संस्तुति की गई है कि राजकीय इंटर कॉलेज रोनी हरजीपुर, राजकीय इंटर कॉलेज मुथरा, राजकीय इंटर कॉलेज जंधेड़ी को भविष्य में पंजीकरण केंद्र न बनाया जाए। आरोपी प्रधानाचार्य को बोर्ड परीक्षा से आजीवन डिबार करते हुए उनके विरुद्ध निदेशालय से प्रशासनिक कार्रवाई की जाए। पत्राचार शिक्षण संस्थान को भी अनुसरण प्रमाण पत्र निर्गमन की फुलप्रूफ व्यवस्था करने को अवगत कराया जाए। अनियमितता करने वाले पत्राचार अग्रसारण केंद्रों को भविष्य में अग्रसारण केंद्र न बनाया जाए।