सहारनपुर। जिलेभर में बारिश व ओलावृष्टि से सर्दी का सितम और अधिक बढ़ गया है। छुटमलपुर, साढौली कदीम, बेहट, चिलकाना और गागलहेड़ी में जमकर ओलावृष्टि हुई। बारिश व तेज हवा से बिजली लाइनों में जगह-जगह फाल्ट हुए तो जिलेभर की बिजली आपूर्ति चरमरा गई। वहीं, तापमान में भी गिरावट हुई। फसलों को नुकसान हुआ।
बुधवार की आधी रात मौसम ने करवट ली। इसके बाद बारिश का सिलसिला शुरू हुआ, जो बृहस्पतिवार को जारी रहा। शहर से लेकर देहात में तेज हवा के साथ बारिश हुई। चिलकाना क्षेत्र के सुल्तानपुर, धोलाहेड़ी, पठेड, नथमलपुर, रघुनाथपुर, पंचकुआ, आल्हनपुर, सोंधेबांस, रावणपुर, टोडरपुर, पाजबांगर, दानतपुर, दौलतपुर, दभेड़ा कला, मंझार, फिरोजाबाद, अहाड़ी, अब्दुल्लापुर, बड़गांव आदि गांवों में भारी ओलावृष्टि हुई।
ओलावृष्टि इतनी तेज थी कि पेड़ों के पत्ते टूट गए। साढौली कदीम क्षेत्र में जमकर ओलावृष्टि हुई। यहां इस कदर ओलों की बरसात हुई कि जमीन सफेद हो गई। छुटमलपुर, गागलहेड़ी और बेहट में भी दोपहर बाद ओलावृष्टि जमकर हुई। बारिश और ओलावृष्टि से सर्दी बढ़ गई है। बृहस्पतिवार को न्यूनतम तापमान 5.5 और अधिकतम तापमान 17 डिग्री सेल्सियस रहा, जबकि बुधवार का अधिकतम तापमान 19 डिग्री सेल्सियस था। यानी अधिकतम तापमान दो डिग्री नीचे आया। महानगर में खाताखेड़ी, शारदानगर, एकता कॉलोनी, चिलकाना रोड, पुराना कलसिया रोड, नया बाजार में जलभराव की समस्या से भी लोगों को जूझना पड़ा है।
- गन्ना, गेहूं और सरसों की फसल को नुकसान
ओलावृष्टि से गन्ना, गेहूं, सरसों, सब्जी और चारे की फसलों का नुकसान हुआ। लोगों का कहना है कि पिछले कई दशकों में इतनी भारी ओलावृष्टि नहीं हुई है। इस ओलावृष्टि की चपेट में कई गांव आए। सुल्तानपुर के किसान सीताराम सैनी ने बताया कि सन 1954 के बाद इतना ओला पड़ा है। गांव नथमलपुर के प्रगतिशील किसान चौधरी मारूफ तथा गांव पंचकुआ के चौधरी ओमकुमार ने बताया कि उनके होश में कभी इतनी ओलावृष्टि कभी नहीं हुई है।
- बारिश से उड़े फ्यूज, ठप रही बिजली आपूर्ति
बारिश होने के कारण शहर से लेकर देहात तक की बिजली आपूर्ति ठप हो गई। विद्युत उपकेंद्र बेहट से जुड़े नौगांवा ग्राम समूह के नौ गांवों की बिजली बीती रात बारिश होने से 20 घंटे ठप रही। चिलकाना, साढौली कदीम, नानौता, तीतरों, नकुड़, बिहारीगढ़, गागलहेड़ी और बड़गांव में भी बिजली आपूर्ति पटरी से उतरी रही। महानगर में भी फाल्ट से आपूर्ति ठप रही।
चिलकाना में ओलावृष्टि के बाद रास्ते पर बिछी बर्फ की चादर। संवाद
चिलकाना में ओलावृष्टि के बाद रास्ते पर बिछी बर्फ की चादर। संवाद