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एक लाख की चिल्लर से मेडिकल ‘बीमार’, बैंक ने भी किया किनारा, ये रही बड़ी वजह

Thu, 18 Oct 2018 01:58 PM IST
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मेरठ
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मेरठ न्यूज - फोटो : अमर उजाला
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मेडिकल कॉलेज में चिल्लर यानि सिक्के (एक रुपया, दो रुपया) परेशानी का सबब बने हैं। फिलहाल वहां करीब एक लाख रुपये कीमत के सिक्के हैं, जिन्हें बैंक प्रबंधन लेने में आनाकानी कर रहा है। मेडिकल स्टाफ ने बुधवार को इसकी शिकायत सीएमएस डॉ. अजीत चौधरी से की है और उनके कार्यालय में जाकर सिक्कों से भरी गठरी उनकी टेबल पर रख दी। सीएमएस ने इस संबंध में प्राचार्य और बैंक प्रबंधन से बात करने की बात कही है।

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हो चुका पत्राचार, नहीं निपटा मामला
मेडिकल स्टाफ ने बताया कि यह समस्या इस साल मार्च के बाद से बनी है। इस संबंध में स्टेट बैंक ऑफ इंडिया के मुख्य ब्रांच के प्रबंधक से 16 मई, 18 जून, 5 जुलाई और 24 सितंबर 2018 को पत्राचार भी किया गया है, मगर मामला निबटा नहीं है।

इस बारे में 12 अक्तूबर को इन पत्रों का जवाब देते हुए रुड़की रोड स्थित एसबीआई की मुख्य शाखा के उप शाखा प्रबंधक का पत्र मेडिकल के प्राचार्य को प्राप्त हुआ है, जिसमें उन्होंने प्राचार्य से कहा कि क्वानेज अधिनियम-2011 सेक्शन-4 के अंतर्गत आप अपने खाते में प्रतिदिन एक हजार रुपये तक राशि के सिक्के जमा कर सकते हैं।
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सिक्के तीन हजार, कैसे जमा करें एक हजार
मेडिकल स्टाफ का कहना है कि अभी तक एसबीआई की मुख्य शाखा में सिक्के जमा करते आए हैं, लेकिन वहां से होम शाखा में करने को कहा गया है, इसके लिए सिर्फ एक हजार रुपये के सिक्के हर रोज बैंक में जमा करने को कहा है, जबकि मेडिकल में रोज करीब ढाई से तीन हजार रुपये के सिक्के आते हैं।  

बैंक वाले कहते हैं हमारे पास समय नहीं 
मेडिकल के सभी तरह के यूजर चार्जेज की धनराशि ट्रेजरी चालान द्वारा एसबीआई में प्रत्येक सप्ताह जमा कराई जाती है, लेकिन अब जब चिकित्सालय के कैशियर रेजगारी लेकर बैंक में जमा कराने जाते हैं तो बैंक के कैशियर यह कहकर रेजगारी लेने से मना कर देते हैं कि हमारे पास समय नहीं है। - डॉ. अजीत चौधरी, सीएमएस, मेडिकल कॉलेज

एक हजार के सिक्के ही कर सकते हैं जमा  
नियमानुसार एक रुपये या इससे अधिक के एक हजार रुपये कीमत के सिक्के ही एक दिन में बैंक में जमा हो सकते हैं, इससे   ज्यादा नहीं। लिहाजा नियमों का पालन करने के लिए मेडिकल प्रबंधन से  कहा गया है। 
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- श्याम बिहारी, उप   मुख्य प्रबंधक, एसबीआई चेस्ट ब्रांच

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