दो अप्रैल को हुए उपद्रव के बाद अब दलितों को संभालने की जिम्मेदारी थाना प्रभारी और सीओ को दी गई है। शहर में दलित बस्तियों में मीटिंग की जा रही है। वहीं अब गांवों में भी शुरू हो गई है। अपने-अपने क्षेत्र के गण्यमान्य लोगों से अफसर संपर्क कर उनसे सहयोग मांग रहे हैं। शुक्रवार को शहर और देहात में दिन भर मीटिंग का दौर चलता रहा।
सोशल मीडिया पर अफवाह चल रही है कि दस अप्रैल को भारत बंद रहेगा। लेकिन किसी भी संगठन ने इसकी पुष्टि नहीं की है। वहीं 14 अप्रैल को आंबेडकर जयंती है। एसएसपी मंजिल सैनी ने निर्देश दिए हैं कि अपने अपने क्षेत्र के दलित बस्ती और गांवों में अब चौकी इंचार्ज, थाना प्रभारी और सीओ जिम्मेदारी संभालेंगे। शुक्रवार को मेडिकल क्षेत्र में आने वाली दलित बस्ती शेरगढी में सीओ सिविल लाइन श्रीराम अर्ज, एसीएम गुलशन कुमार, एसओ मेडिकल सतीश कुमार ने मीटिंग की। सीओ ने कहा कि यदि किसी ने कानून हाथ में लिया तो वो बख्शा जाएगा। फेसबुक, व्हाट्स एप पर पुलिस नजर रखे हुए है। आंबेडकर जयंती पर बिना परमिशन के धरना प्रदर्शन नहीं होगा। पूरे जिले में धारा 144 लगी है। जो कार्यक्रम पुराने समय से होते रहे हैं वह ही होंगे। अफवाह पर ध्यान न दें। जुलूस नहीं निकाला जाएगा। शराब पीकर हुड़दंग मचाने वाले जेल जाएंगे। इस दौरान प्रत्येक क्षेत्र के दस दस लोगों को जिम्मेदारी दी है कि यदि कोई भी घटना हो तो पुलिस को सूचना दें। इस दौरान पार्षदों से भी सहयोग मांगा गया है।