मेरठ। महानगर बस सेवा के तहत चल रही 96 सीएनजी बसों की मियाद खत्म हो रही है। इस सेवा से जुड़े अधिकारियों ने शासन से 100 सिटी बसों की मांग की है। फिलहाल लोहियानगर डिपो को एक और इलेक्ट्रिक बस मिली है। अब यहां पर इलेक्टि्रक बसों की संख्या 51 हो गई है। जनवरी में बसें नहीं आई तो सिटी बस सेवा का संचालन गड़बड़ा जाएगा।
महानगर बस सेवा में वर्तमान में अब 51 इलेक्टि्रक बसें, आठ वोल्वो और 96 सीएनजी की बसें हैं। इलेक्टि्रक बसों की देखरेख लोहिया डिपो से होती है, जबकि सीएनसी बसों की देखरेख की जिम्मेदारी एआरएम फाइनेंस मुकेश गुप्ता को दी गई है। इलेक्टि्रक बसें शहर से किठौर-शाहजहांपुर, हस्तिनापुर-मवाना, सरधना, मेडिकल और सिटी स्टेशन पर होता है। सीएनजी बसों का संचालन शहर के अलावा हर्रा, खिवाई, रार्धना, सरधना, मोदीपुरम से मोदीनगर, राधा गोविद से लेकर सिवाया टोल प्लाजा तक होता है।
सीएनजी की सभी 96 बसें पूरी तरह से खटारा हो चुकी हैं। इन बसों की 15 साल संचालन की मियाद लगभग पूरी हो चुकी है। इनमें से कुछ का संचालन दिसंबर तक ही होगा। जनवरी से सीएनजी बसें संचालन से बाहर हो जाएंगी। ऐसा होने पर यात्रियों को परेशानी उठानी पड़ेगी। परिचालक भी लगातार बसों की मांग कर रहे हैं।
- सीएनजी की सभी 96 बसों की मियाद जल्द पूरी होने वाली है। जनवरी तक सभी बसें बदल दी जाएंगी। शासन से 100 इलेक्टि्रक बसों की मांग की गई है। एक इलेकिट्रक बस मिल भी गई है। - मुकेश गुप्ता, एआरएम