जिला चिकित्सालय के सीएमएस डॉ. सुनील गुप्ता की पत्नी अलका गुप्ता की शुक्रवार को संदिग्ध हालत में मौत हो गई। मौके पर पहुंची पुलिस शव को पोस्टमार्टम के लिए ले जाना चाहती थी। लेकिन कुछ देर बाद ही शव परिजनों को सौंप दिया गया। इसके बाद डॉ. गुप्ता और मायके वाले शव को हापुड़ ले गए।
मामला सुबह करीब 11 बजे का है। उस समय डॉ. सुनील गुप्ता जिला अस्पताल में ही मौजूद थे। उसी वक्त उन्हें मोदीनगर से फोन आया कि उनकी पत्नी अलका गुप्ता की हालत गंभीर है और उनके मुंह से झाग निकल रहे हैं। जिन्हें स्थानीय अस्पताल में भर्ती कराया गया है। डॉ. गुप्ता ने परिजनों से कहा कि अलका को तत्काल रेफर कराकर मेरठ ले आओ। उधर, पत्नी की हालत नाजुक होने की सूचना पर सीएमएस इमरजेंसी में सारी तैयारियां कराने में जुट गए। दोपहर 12 बजे जैसे ही गंभीर हालत में अलका गुप्ता को लाया गया तो तत्काल डायलेसिस रूम में भर्ती कर ट्रीटमेंट शुरू किया गया। लेकिन उस वक्त तक काफी देर हो चुकी थी। करीब 15 मिनट के ट्रीटमेंट के बाद ही उन्होंने दम तोड़ दिया।
पुलिस को भेजी गई थी पीआई
इमरजेंसी में भर्ती होने के बाद ही इमरजेंसी की तरफ से थाना देहली गेट को सूचना भेज दे गई थी। जिसमें लिखा गया था कि डॉ. सुनील गुप्ता सीएमएस की पत्नी को भर्ती कराया गया है और उन्हें संदिग्ध हालत में लाया गया है। सूचना पर पुलिस तत्काल जिला अस्पताल पहुंची। इस बीच इमरजेंसी में अस्पताल का पूरा स्टाफ एकत्र हो गया। शुरूआत में पुलिस शव का पोस्टमार्टम कराना चाहती थी। लेकिन करीब 15-20 मिनट के बाद पुलिस शव परिजनों को सौंपने पर सहमत हो गई। डॉ. गुप्ता मूल रूप से हापुड़ के रहने वाले हैं लेकिन वर्तमान में वह परिवार समेत मोदीनगर में रह रहे थे।
कोई कुछ बताने को नहीं था तैयार
सारे मामले को लेकर जिला अस्पताल का सारा स्टाफ सहमा हुआ था। इस दौरान कोई भी कुछ बताने को तैयार नहीं था। कर्मचारियों से लेकर चिकित्सकों ने चुप्पी साधे रखी। हर कोई इतना जरूर कह रहा था कि अलका लंबे समय से बीमार चल रही थीं। इससे ज्यादा कुछ नहीं पता।
करीब 20 साल से थीं बीमार
एक चिकित्सक ने नाम न छापने की शर्त पर बताया है कि अलका को करीब 20 साल से कॉलेजन वस्कूलर डिसऑर्डर था। इस बीमारी का कहीं पर इलाज संभव नहीं है। इस बीमारी में लीवर, किडनी से लेकर हड्डियों तक को खासा नुकसान पहुंचता है। मरीज का चलना-फिरना और उठना-बैठना भी मुश्किल हो जाता है।
मुझे रिटायर होते तो देख लेतीं
पत्नी के मौत के बाद डॉ. सुनील गुप्ता खुद को रोक नहीं पाए। नम आंखों और रुंधे गले से बोले कि अलका ने जीवन में बहुत साथ दिया। लेकिन कम से कम मेरा रिटायरमेंट तो देख लेतीं। गौरतलब है कि डॉ. सुनील गुप्ता 30 नवंबर को ही रिटायर होने जा रहे हैं। लेकिन उससे पहले उनके ऊपर मुश्किलों का पहाड़ टूट पड़ा है। परिजनों ने बताया कि अलका गुप्ता के पार्थिव शरीर का अंतिम संस्कार शनिवार सुबह नौ बजे ब्रजघाट पर होगा।