सीएमओ कार्यालय में तैनात एक बाबू के अपहरण के प्रयास से सनसनी फैल गई। आपाधापी में एक आरोपी मौके पर ही छूट गया, जिसे स्टाफ ने जमकर पीटकर सिविल लाइन पुलिस को सौंप दिया। बाबू ने घटना की तहरीर दी है।
पुलिस के अनुसार मंगलवार शाम करीब चार बजे दो लोग सीएमओ दफ्तर में पहुंचे और बाबू नरेंद्र पुंडीर से बात करने के लिए बाहर गाड़ी में बैठने को कहा। शक होने पर बाबू ड्राइवर रविंद्र नागर के साथ ऑफिस से बाहर निकला। दोनों व्यक्ति ऑफिस के गेट पर ही रुक गए। बाबू और रविंद्र जब एक गाड़ी के पास पहुंचे तो उसमें बैठे लोगों ने कहा कि आप पीछे वाली गाड़ी में बैठे लोगों से बात कर लो। इस दौरान दफ्तर का स्टाफ भी बाहर आ गया। यह देख स्कॉर्पियो गाड़ी में बैठे एक व्यक्ति ने बाबू को अंदर खींचने की कोशिश की। यह देखकर स्टाफ के लोग शोर मचाते हुए स्कॉर्पियो की तरफ दौड़े तो उस व्यक्ति ने बाबू को छोड़ दिया और पल भर में दोनों गाड़ियां लेकर आरोपी फरार हो गए। तभी ऑफिस के गेट पर खड़े दोनों व्यक्ति भागने लगे तो एक व्यक्ति को स्टाफ ने कमिश्नरी चौराहे के पास दबोच लिया।
ड्राइवर रूम में पीटा
इस आरोपी को स्टाफ के लोगों ने ड्राइवर रूम में बंधक बनाकर जमकर पीटा। घटना के करीब आधा घंटे बाद पुलिस पहुंची। सीएमओ डॉ. वीपी सिंह ने एसपी सिटी को मामले की जानकारी देकर कार्रवाई की मांग की।
‘स्टिंग हुआ है पुंडीर का’
पुलिस के अनुसार आरोपी ने अपना नाम अवनेश कुमार निवासी गांव शाहकुलीपुर किठौर बताते हुए कहा कि मुझे जागृति विहार निवासी राजीव शर्मा ने भेजा था। उसका कहना था कि सीएमओ दफ्तर के बाबू ने भावनपुर से रिटायर एक महिलाकर्मी का एरियर निकालने के बदले 80 हजार रुपये मांगे हैं। उसका स्टिंग भी हो चुका है। सीएमओ ऑफिस के स्टाफ राजेश शर्मा ने इस पर कहा कि अगर स्टिंग किया था तो उसे चैनल पर चलवाते या अखबार में छपवाते। इस तरह से ब्लैकमेल करना कहां का कानून है।