सपा नेत्री नेहा गौड़ ने बुधवार को महिला दिवस पर थाना कंकरखेड़ा पर जमकर हंगामा किया। आरोप लगाया कि उन पर घर पर जानलेवा हमला हुआ। नामजद रिपोर्ट दर्ज होने के बावजूद भी पुलिस साठगांठ के चलते आरोपियों को गिरफ्तार नहीं कर रही है। उन्होंने मुख्यमंत्री से इंसाफ मांगते हुए कहा कि अखिलेश भैया, क्या शासन-प्रशासन के लिए यही महिला दिवस के मायने हैं।
तमंचे की बट मारकर उसको घायल कर दिया गया
पीड़ित महिला ने दर्ज कराई शिकायत
श्रद्धापुरी निवासी सपा महिला प्रकोष्ठ की जिला सचिव नेहा गौड़ ने थाने पर दर्ज कराए मुकदमे में आरोप लगाया था कि पुराने विवाद के चलते मंगलवार को उसके घर में घुसकर तोड़फोड़ की गई। उसे बंधक बनाकर बुरी तरह से पीटा गया। तमंचे की बट मारकर उसको घायल कर दिया गया। पुलिस ने इस मामले में आरोपी सौरभ समेत सात लोगों के खिलाफ संगीन धाराओं में केस दर्ज किया था। बुधवार को थाने पहुंची नेहा ने आरोप लगाया कि पुलिस आरोपियों को बचाने में लगी है, क्योंकि इस केस का विवेचक आरोपियों का रिश्तेदार है।
आरोपियों पर कार्रवाई नहीं होती
यूपी पुलिस
नेहा ने सवाल उठाते हुए कहा कि एक महिला के साथ इस तरह की घटना होती है। लेकिन आरोपियों पर कार्रवाई नहीं होती। महिला सशक्तिकरण की बात करने वाले पुलिस-प्रशासन और शासन के अफसरों के लिए क्या यही महिला दिवस के मायने हैं। वहीं, इंस्पेक्टर प्रशांत कपिल का कहना है कि सपा नेत्री के 164 के बयान दर्ज करा दिए हैं। आरोपियों के खिलाफ केस भी दर्ज कर लिया है। सभी आरोपी घर से फरार हैं। शीघ्र ही सभी को गिरफ्तार कर जेल भेजा जाएगा।