पश्चिमांचल के 14 जिलों में पीवीवीएनएल द्वारा सस्ती दरों पर बेेचे जा रहे एलईडी बल्बों पर चुनाव आचार संहिता का डंडा चल गया है। बल्बों के डिब्बे पर सीएम अखिलेश यादव की फोटो छपी होने के चलते इनकी बिक्री बंद कर दी गई है। अब चुनाव बाद ही उपभोक्ता ये बल्ब खरीद सकेंगे।
केंद्र सरकार की राष्ट्रहित में बिजली बचाओ मुहिम के तहत पीवीवीएनएल की तरफ से विद्युत उपभोक्ताओं को जुलाई 2016 से 7 व 9 वाट के एलईडी बल्ब वितरित किए जा रहे हैं। अनुबंध के मुताबिक बल्ब वितरित कर रही कंपनियों को कुल 70 लाख बल्ब वितरित करने है। इसमें 50 लाख बल्ब 7 वोट के और 20 लाख बल्ब 9 वाट के वितरित किए जाने हैं। दोनों श्रेणियों में अब तक करीब 20 लाख से ज्यादा बल्बों की बिक्री की जा चुकी है। 7 वाट का बल्ब 80 रुपये और 9 वाट का बल्ब 99 रुपये में मिलने के चलते योजना सफल रही है। बल्ब कंपनियां पीवीवीएनएल के बिलिंग काउंटरों से बल्बों का वितरण कर रही है। बल्बों के डिब्बे पर एक तरफ प्रदेश के सीएम अखिलेश यादव का फोटो छापा गया है और दूसरी तरफ पीवीवीएनएल का लोगों है। बल्ब पर छपा सीएम का फोटो विधानसभा चुनाव 2017 की आचार संहिता में फंस गया है। चुनाव आयोग की कार्रवाई से बचने के लिए फिलहाल पीवीवीएनएल ने बल्बों की बिक्री बंद करा दी है।
उपभोक्ता लौट रहे खाली हाथ
बिलिंग काउंटरों पर बल्ब लेने के लिए पहुंच रहे उपभोक्ता खाली हाथ लौट रहे हैं। उपभोक्ताओं को चुनाव बाद बल्ब ले जाने को कहा जा रहा है। पूछने पर चुनाव आचार संहिता की दुहाई दी जा रही है। सोमवार को मंगलपांडे नगर स्थित बिलिंग काउंटर पर बल्ब लेने पहुंचे जयभीम नगर निवासी हरिओम ने बताया कि वहां उन्हें बल्ब नहीं मिले। बिलिंग बाबू ने बताया कि चुनाव बाद बल्ब मिलेंगे।
डिब्बा बदलकर की जा सकती है बिक्री
पीवीवीएनएल अधिकारियों से इस बारे में पूछा तो उन्होंने बताया कि बल्ब के डिब्बे पर सीएम की फोटो छपी है, इसलिए इसकी बिक्री बंद की गई है। हालांकि सीएम का फोटो छपा डिब्बा बदलकर भी बिक्री की जा सकती है।
क्या बोले अधिकारी
मामला मेरे संज्ञान में नहीं है। अगर चुनाव आचार संहिता के चलते बिक्री रोकी गई है तो इसे दिखवाया जाएगा। बिक्री के लिए कोई न कोई विकल्प तलाशा जाएगा, ताकि उपभोक्ताओं को भी बल्ब मिल सकें।
- अभिषेक प्रकाश, एमडी पीवीवीएनएल मेरठ