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गन्ना भुगतान उपलब्धि कार्यक्रम में सीएम ने किसानों से किया सीधा संवाद

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सीएम ने किसानों से किया सीधा संवाद
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मेरठ। प्रदेश सरकार के तीन साल के कार्यकाल में किसानों को एक लाख करोड़ रुपये से अधिक गन्ना मूल्य भुगतान कराने के उपलब्धि कार्यक्रम में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने प्रदेश के गन्ना किसानों से वीडियो कांफ्रेंसिंग के माध्यम से वार्ता की।
जिला प्रशासन द्वारा एनआईसी में आयोजित वीडियो कांफ्रेंस में जिले के गांव कुशावली निवासी किसान विनोद सैनी ने सीएम से बात कर गन्ने के साथ सब्जी की सहफसल लेने की जानकारी दी। किसान ने बताया ई-गन्ना एप और ईआरपी सिस्टम से किसानों को पर्ची मिलने में बड़ी सहूलियत हुई है। बताया कि वह गन्ने के साथ फूलगोभी और पत्ता गोभी की फसल भी ले रहे हैं। इससे उन्हें एक एकड़ जमीन से 80 हजार रुपये की अतिरिक्त आमदनी हुई है। सैनी ने मुख्यमंत्री से सब्जी के लिए भी न्यूनतम समर्थन मूल्य व्यवस्था निर्धारित करने की मांग की। मुख्यमंत्री ने मुजफ्फरनगर के किसान अरविंद मालिक से भी वार्ता की।
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गन्ना आयुक्त संजय आर भूसरेड्डी ने बताया कि सरकार के तीन साल के कार्यकाल में प्रदेश के किसानों को रिकार्ड एक लाख करोड़ रुपये से ज्यादा का गन्ना मूल्य भुगतान कराया गया है। लॉकडाउन अवधि में जहां अधिकतर उद्योग बंद रहे, वहीं चीनी मिलें चलती रही। किसानों ने लॉकडाउन में भी मिलों को चालू रखने और संपूर्ण गन्ना खरीद के बाद ही बंद करने के लिए सीएम का आभार प्रकट किया। कार्यक्रम में जिलाधिकारी अनिल ढींगरा, उप गन्ना आयुक्त राजेश मिश्र, डीसीओ मेरठ डॉ दुष्यंत कुमार, आरपीओ उपेंद्र सिंह के अलावा सभी जिलों के गन्ना अधिकारी मौजूद रहे।
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मंडल की चीनी मिलों पर 2900 करोड़ बकाया
सरकार ने भले ही शुक्रवार को कार्यक्रम आयोजित कर तीन साल में कराए गए एक लाख करोड़ गन्ना मूल्य भुगतान की जानकारी दी हो, लेकिन हाल ही में खत्म हुई पेराई सत्र का गन्ना मूल्य बकाया भुगतान अभी तक नहीं हुआ है। मंडल की मिलों पर किसानों का करीब 2900 करोड़ गन्ना मूल्य बकाया है। इसमें मेरठ की मिलों पर करीब 1400 करोड़ बकाया है। जिला प्रशासन द्वारा कांफ्रेंस में बुलाए गए किसानों ने सीएम से बकाया भुगतान कराने का कोई जिक्र तक नहीं किया। कोरोना काल में किसान पहले से ही परेशान चल रहे हैं।
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