आबूलेन पर मंगलवार शाम बैरियर लगाने को लेकर बखेड़ा हो गया। कैंट बोर्ड कर्मचारी वाहनों की नो एंट्री का बैरियर लगाने पर अड़ गए तो व्यापारी बैरियर के विरोध में एकजुट हो गए। बैरियर लगाने और हटाने को लेकर दोनों के बीच धक्कामुक्की के साथ टकराव हो गया। नौबत मारपीट तक पहुंच गई। पुलिस ने किसी तरह स्थिति को कंट्रोल किया। व्यापारियों ने विरोध के चलते बाजार बंद कर दिया।
कैंट बोर्ड अध्यक्ष मेजर जनरल सुनील यादव ने 9 दिसंबर को आबूलेन पर शाम पांच से रात नौ बजे तक फोर व्हीलर की एंट्री बैन करा दी थी। तभी से सीईओ राजीव श्रीवास्तव के निर्देश पर सीईई अनुज सिंह ने आबूलेन के दोनों तरफ बैरियर लगवा दिए थे। बैरियर पर बढ़ती रार पर ‘अमर उजाला’ ने पहले ही आबूलेन पर कैंट बोर्ड और व्यापारियों के बीच टकराव की आशंका जताई थी। रविवार को संयुक्त व्यापार संघ अध्यक्ष नवीन गुप्ता के नेतृत्व में बैठक कर व्यापारियों ने कैंट बोर्ड से आरपार की लड़ाई का फैसला लिया था। मंगलवार को हुआ भी ऐसा ही।
कैंट बोर्ड ने शाम पांच बजते ही दोनों तरफ बैरियर लगा दिए। जिसके बाद व्यापारियों में रोष बढ़ गया। व्यापारी एकत्रित हुए और उन्होंने बैरियर हटा दिए। इसकी सूचना पर सीईओ ने सीईई अनुज सिंह, एई पीयूष गौतम समेत कर्मचारियों को मौके पर भेजा। वहां जाते ही कर्मचारियों ने बैरियर लगा दिया। व्यापारियों ने विरोध जताकर बैरियर हटाया तो कर्मचारियों ने फिर लगा दिया। दोनों के बीच इसी तरह धक्कामुक्की और शक्ति प्रदर्शन चलता रहा।
देखते ही देखते बैरियर को लेकर व्यापारी और कर्मचारी आमने-सामने आ गए। और एक-दूसरे पर आरोप- प्रत्यारोप शुरू हो गए। टकराव के बीच मौके पर एएसपी भारी पुलिस बल के साथ पहुंचे और स्थिति को संभाला। लेकिन दास मोटर्स के पास बैरियर के एक तरफ व्यापारी तो दूसरी तरफ कैंट बोर्ड कर्मचारी डटे रहे।