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दो अक्तूबर को ही याद आता है स्वच्छता अभियान

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दो अक्तूबर को ही याद आता है स्वच्छता अभियान
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खरखौदा। गांधी जयंती को लेकर प्रति वर्ष जनप्रतिनिधि व अधिकारी सफाई अभियान चलाते हैं। लेकिन इसके बाद अभियान फाइलों में बंद होकर रह जाता है।
पिछले कई वर्षों से दो अक्तूबर पर गांधी जयंती को सफाई अभियान से जोड़ा जाता है। नगर निकाय, नगर पंचायतों व ग्राम पंचायतों में सफाई अभियान चलाया जाता है। खरखौदा विकास खंड क्षेत्र में 30 गांव हैं। लेकिन अभी भी कई गांव ऐसे हैं जहां पिछले एक वर्ष से सफाई कर्मचारी तक तैनात नहीं है। या तो ग्राम प्रधान अपनी निजी खर्चे से गांव की सफाई कराए या फिर गांव में गंदगी फैली रहती है। खरखौदा विकास खंड क्षेत्र में गांव अतराड़ा, पीपलीखेड़ा, जसौरा व गाजंव खड़खड़ी में भी सफाई कर्मचारी तैनात नहीं हैं। वहीं कई गांव एसे हैं जिनकी आबादी दस हजार के पार है उन गांवों में भी केवल एक ही सफाई कर्मी तैनात है। जिस कारण गांवों में नालियों व रास्तों की सफाई नहीं हो पा रही है।
सफाई छोड़ दूसरे कार्यों में लगाए गए कर्मचारी
जहां कई सफाई कर्मियों को ब्लाक स्तर से बने गोआश्रय स्थल में लगाया गया है। वहीं कुछ सफाईकर्मी अधिकारियों के यहां तैनात हैं। कई सफाईकर्मी विकास खंड कार्यालय में काम करने में लगे रहते हैं। जिस कारण सफाई व्यवस्था का बुरा हाल है।
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गांव अधिक, कर्मी कम-
विकासखंड क्षेत्र में गांव अधिक हैं सफाईकर्मी कम हैं। अभी प्रत्येक गांव को एक-एक सफाई कर्मी ही नहीं मिल पा रहा है तो घनी आबादी वाले गांवों में अन्य सफाई कर्मी कहां से लाए। वहीं सफाई कार्य भी समय समय पर चलता रहता है। - मनोज कुमार, एडीओ पंचायत खरखौदा।
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