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Meerut News: आयुष कार्यालय में लिपिक और चपरासी रिश्वत लेते पकड़े

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मेरठ। एंटी कप्शन टीम ने क्षेत्रीय आयुष कार्यालय मंगलपांडे नगर में कनिष्ठ सहायक लिपिक शिवकुमार पुंडीर और चपरासी सुरेश कुमार को पांच हजार रुपये की रिश्वत लेते हुए रंगे हाथ पकड़ लिया। उन्होंने फलावदा के बीएएमएस डॉक्टर मोहम्मद शाहबाज से रजिस्ट्रेशन कराने के नाम पर यह धनराशि मांगी थी। टीम की निरीक्षक अर्चना की ओर से सिविल लाइन थाने पर दोनों आरोपियों के खिलाफ भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम का केस दर्ज कराया गया है। दोनों को मंगलवार को कोर्ट में पेश किया जाएगा।
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एंटी कप्शन टीम प्रभारी दुर्गेश कुमार के मुताबिक जनपद के फलावदा कस्बा निवासी चिकित्सक शाहबाज ने क्लीनिक चलाने के लिए क्षेत्रीय आयुष कार्यालय में रजिस्ट्रेशन कराने पहुंचे तो वहां कनिष्ठ सहायक शिवकुमार पुंडीर ने रजिस्ट्रेशन के नाम पर पांच हजार रुपये की रिश्वत मांगी। बिना रिश्वत लिए उसने रजिस्ट्रेशन करने से इन्कार कर दिया। परेशान होकर डॉ शाहबाज ने 25 फरवरी को इसकी शिकायत एंटी करप्शन टीम से की।
टीम ने पूरी योजना बनाई। सोमवार को डीएम डॉ वीके सिंह से मिलकर इस बारे में जानकारी दी। डीएम के निर्देश पर कलेक्ट्रेट के दो कर्मचारियों को टीम में शामिल किया गया। निरीक्षक अर्चना के नेतृत्व में टीम डॉ. शाहबाज को साथ लेकर क्षेत्रीय आयुष कार्यालय पर पहुंची। यहां डॉक्टर को केमिकल लगे पांच हजार रुपये दिए गए। डॉ. शाहबाज ने सोमवार अपराह्न 3:50 बजे अंदर कार्यालय में पहुंचकर लिपिक शिवकुमार से कहा कि वे पांच हजार रुपये ले आए हैं, रजिस्ट्रेशन कर दो। शिवकुमार ने यह रुपये चपरासी सुरेश कुमार को देने के लिए कहा। जैसे ही डॉक्टर ने रुपये चपरासी को दिए, तभी बाहर खड़ी टीम ने चपरासी सुरेश कुमार निवासी तेज विहार और लिपिक शिवकुमार पुंडीर निवासी पैराडाइज एटूजेड कॉलोनी को गिरफ्तार कर लिया। रिश्वत के पांच हजार रुपये भी कब्जे में ले लिए।
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इसके बाद टीम दोनों को लेकर सिविल लाइन थाने पर पहुंची। निरीक्षक अर्चना की ओर से दोनों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराई गई। दोनों को सिविल लाइन पुलिस के हवाले कर दिया। प्रभारी निरीक्षक दुर्गेश कुमार ने बताया कि मंगलवार को दोनों को कोर्ट में पेश किया जाएगा।
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पहले भी पकड़े गए घूसखोर
मेरठ। एंटी करप्शन टीम ने एक माह में पांच लोगों को रिश्वत लेते पकड़ा है। इससे पहले सात मार्च को तहसील मवाना परिसर में स्थित आपूर्ति कार्यालय में तैनात आपूर्ति निरीक्षक आकित अली के निजी सहायक अनुपम को 4500 रुपये की रिश्वत लेते गिरफ्तार किया गया था। राशन डीलर को कोटा उठवाने के नाम पर यह रिश्वत ली जा रही थी। मवाना तहसील में ही लेखपाल मुकम्मल और उसके निजी सहायक को एंटी करप्शन की टीम ने रिश्वत लेते हुए गिरफ्तार किया था जबकि एक लेखपाल को भी रिश्वत लेते हुए गिरफ्तार किया जा चुका है।
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