संवाद न्यूज एजेंसी
सरधना। नगर पालिका में दुकानों की नीलामी को लेकर एक बार फिर विवाद गहरा गया है। पालिका में तैनात लिपिक पर नीलामी प्रक्रिया में गंभीर अनियमितताएं बरतने और लाखों रुपये के गबन का आरोप लगा है। मामला अब नगर विकास विभाग तक पहुंच गया है।
सभासदों का आरोप है कि तहसील रोड पर नगर पालिका परिसर से सटी तीन दुकानों का आवंटन नियमों को ताक पर रखकर किया गया। आरोप है कि वैध नीलामी प्रक्रिया अपनाने के बजाय मिलीभगत के तहत दुकानों का आवंटन कराया गया, जिससे नगर पालिका को भारी आर्थिक नुकसान हुआ। सभासद शानू जैन, राहुल पाल, आशीष त्यागी व तनिका जैन का कहना है कि प्रक्रिया में नियमों की अनदेखी की गई।
बताया कि लिपिक लगभग 28 वर्षों से नगर पालिका में एक ही पद पर कार्यरत है। इसी दौरान उन्होंने अपने प्रभाव का दुरुपयोग किया। आरोप है कि नीलामी के दौरान छोटे कर्मचारियों पर दबाव डालकर मनमाने निर्णय लिए गए। गौरतलब है कि लिपिक पर आय से अधिक संपत्ति अर्जित करने के आरोप लग चुके हैं। सभासदों ने प्रमुख सचिव, नगर विकास विभाग को शिकायत पत्र भेजकर निष्पक्ष जांच की मांग की है। दोष सिद्ध होने पर लिपिक के खिलाफ कड़ी कार्रवाई, विवादित दुकानों को पालिका के अधीन लेकर दोबारा नियमानुसार नीलामी कराने और उससे प्राप्त धनराशि पालिका कोष में जमा कराने की मांग की है। इस मामले की जानकारी मुख्यमंत्री और नगर विकास मंत्री को भी दी गई है।