जागरूकता की कमी
स्वच्छता सर्वेक्षण में असफलता के लिए सरकारी मशीनरी ही दोषी नहीं है, बल्कि जनप्रतिनिधि और शहर की जनता भी जिम्मेदार है। सर्वेक्षण के दौरान एक परीक्षा शहर की जनता की भी थी। इसमें जनता को स्वच्छता एप डाउनलोड करना था।
फोन पर स्वच्छता का फीडबैक देना था। लेकिन जनता ने रुचि नहीं दिखाई। जबकि छावनी क्षेत्र के लोगों ने इसमें बढ़चढ़कर हिस्सा लिया था। अपर नगरायुक्त अमित सिंह का कहना है कि स्वच्छता सर्वेक्षण में सफलता के लिए पूरे प्रयास किए गए थे। जो कमियां रह गई हैं, उनको इस बार पूरा किया जाएगा।
स्वच्छता सर्वेक्षण में मेरठ की रैंक अच्छी न होने के लिए सीधे सीधे अधिकारी जिम्मेदार हैं। अब हम प्रयास करेंगे की अगले साल स्वच्छता सर्वेक्षण में मेरठ अच्छा करे। -सुनीता वर्मा, महापौर।