- विश्वस्तरीय मानकों वाले रेलवे स्टेशन पर 1857 की क्रांति की दिखेगी झलक
माई सिटी रिपोर्टर
मेरठ। सिटी रेलवे स्टेशन अब आधुनिक सुविधाओं से लैस होगा। जीर्णोद्धार के लिए चयनित कंपनी ने काम शुरू कर दिया है। फिलहाल पेड़ों को काटने के साथ ही परिसर की नपाई कराई जा रही है ताकि सिटी स्टेशन की नई इमारत का निर्माण हो सके। इसी के साथ कंपनी ने अपना कार्यालय भी खोल दिया है।
प्रधानमंत्री की प्राथमिकता बिंदुओं वाली यह योजना सिटी स्टेशन पर धरातल पर उतरने लगी है। पीएम ने 2024 में सिटी रेलवे स्टेशन को आधुनिक बनाने की वर्चुअल आधारशिला रखी थी। देश के अन्य शहरों के बड़े रेलवे स्टेशनों में मेरठ भी शामिल रहा है। मेरठ में सिटी और कैंट रेलवे स्टेशन हैं। दोनों ही रेलवे स्टेशनों से सिविलियन और सेना के जवान बड़ी संख्या में यात्रा करते हैं।
मेरठ दिल्ली एनसीआर के बड़े शहरों में शामिल होने के साथ-साथ ब्रिटिश कालीन रेलवे स्टेशन भी है। यहां से प्रतिदिन हजारों की संख्या में यात्री दिल्ली,लखनऊ, कानपुर, प्रयागराज, वाराणसी समेत अन्य महानगरों के लिए यात्रा करते हैं। मेरठ सिटी स्टेशन का 473 करोड़ रुपये से कायाकल्प होगा। इस योजना के तहत पश्चिमी उप्र के मुजफ्फरनगर रेलवे स्टेशन समेत कई बड़े रेलवे स्टेशनों का जीर्णोद्धार हो चुका है। मेरठ की जनता को काफी समय से सिटी रेलवे स्टेशन को सुंदर देखने का इंतजार है।
110 साल पुराने स्टेशन को तोड़कर बनेगी इमारत
110 साल पुराने सिटी रेलवे स्टेशन के पुराने भवन को तोड़कर बहुमंजिला इमारत का निर्माण होगा। इसमें वातानुकूलित वेटिंग रूम, होटल, पार्किंग, मॉल जैसी व्यवस्थाएं होंगी। कुछ दिन पहले ही सांसद अरुण गोविल ने लोकसभा में रेल मंत्री से मेरठ सिटी स्टेशन के जीर्णोद्धार पर सवाल उठाया था।