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महानगर के परिसीमन पर सैंकड़ों ने लगायी आपत्ति 

Wed, 26 Apr 2017 10:55 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो/ मेरठ
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फाइल फोटो - फोटो : अमर उजाला ब्यूरो
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 निकाय चुनाव से पहले शासन के निर्देश पर नगर निगम प्रशासन द्वारा कराए गए शहर के परिसीमन पर सैंकड़ों आपत्तियां लगी हैं। सर्वाधिक आपत्तियां कर्मचारियों पर लापरवाही के साथ साथ फर्जी तरीके से एससी की जनसंख्या को दर्शाने की हैं। कई वार्डों से इलाकों को काटने और कई मोहल्लों को परिसीमन से गायब करने की भी शिकायत की गई हैं। शिकायतें नगर निगम, जिला प्रशासन तक ही नहीं बल्कि शासन से भी की गई है। मंगलवार को आपत्तियां दर्ज कराने का अंतिम दिन रहा। कुल मिलाकर आपत्तियों का बड़ा पुलिंदा आया है। अब नगर निगम प्रशासन जनता की आपत्तियों को सुनेगा।  
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परिसीमन गजट जारी किए एक सप्ताह बीत गया। शहर के अधिकतर वार्डोँ से पार्षद, पूर्व पार्षद, जनता और शहर के अन्य जनप्रतिनिधियों ने परिसीमन पर आपत्तियां लगायी हैं। पूर्व शहर विधायक डा. लक्ष्मीकांत वाजपेयी ने तो आपत्ति दर्ज कराते हुए आरोप लगाया है कि परिसीमन में मोहल्लों को ही गायब कर दिया और नक्शा भी गलत बनाया है। जिससे पूरे शहर का परिसीमन गडबड़ हो गया है। पूर्व विधायक ने इसकी शिकायत नगर विकास मंत्री को भी भेजी है। इसके अलावा दीवान जी शरीफ, हिफजुर्र रहमान अंसारी, पंकज कतीरा, रश्मि तेवतिया आदि ने भी अपने अपने वार्ड के परिसीमन को लेकर आपत्तियां दर्ज करायी हैं। अंतिम दिन मंगलवार को आपत्तियां दर्ज कराने के लिए भीड़ लगी रही। बता दें कि जनता की आपत्तियों का निस्तारण अब निगम और जिला प्रशासन को करना होगा। आपत्तियों का निस्तारण होने के बाद परिसीमन की सूची को अंतिम माना जाएगा। पूर्व शहर विधायक डा. लक्ष्मीकांत वाजपेयी का कहना है कि अगर आपत्तियां सुनने में जरा भी लापरवाही बरती गई तो पूरा मामला शासन के पास ले जाएंगे। संबंधित अधिकारी और कर्मचारियों के खिलाफ भी कार्रवाई करायी जाएगी। उधर, व्यापार मंडल के अध्यक्ष सलीम सिद्दीकी ने उप्र सरकार के मुख्य सचिव नगर विकास को शिकायत भेजी है कि शहर के परिसीमन में धांधली की गई है। जिसको ठीक कराया जाना अति आवश्यक है। 
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