विधानसभा चुनाव के पहले चरण को शांतिपूर्वक संपन्न कराने के लिए सुरक्षा के जबर्दस्त बंदोबस्त किए गए हैं। चुनावी चक्रव्यूह (मतदान केंद्रों/बूथों) की किलेबंदी के लिए पुलिस, पीएसी, आरआरएफ, होमगार्ड और केंद्रीय पैरा मिलिट्री फोर्स (सीपीएमएफ) के 23 हजार से ज्यादा जवान तैनात किए जा रहे हैं। प्रत्येक मतदान केंद्र को डबल कार्डन (सुरक्षा घेरे) में लिया गया है। दस कंपनी फोर्स को रिजर्व रखा गया है।
सरधना, किठौर अतिसंवेदनशील
चुनाव सेल के नोडल अधिकारी श्रवण कुमार सिंह के अनुसार जिले के 1180 मतदान केंद्रों में 2451 बूथ होंगे। इनमें सरधना, सरूरपुर, जानी, रोहटा, फलावदा, किठौर, मवाना थाना क्षेत्रों समेत शहर के 150 मतदान केंद्रों को अतिसंवेदनशील जबकि 370 मतदान केंद्रों को संवेदनशील श्रेणी में रखा गया है। सरधना और किठौर विधानसभा सीट को सबसे ज्यादा अतिसंवेदनशील माना गया है। इसलिए सरधना में सबसे ज्यादा छह कंपनी सीपीएमएफ और किठौर को चार कंपनी सीपीएमएफ दी गई है।
ऐसे रहेगा सुरक्षा घेरा
मतदान केंद्र सीपीएमएफ के जवानों के पहले घेरे में होगा। जबकि दूसरेे घेरे में यूपी पुलिस और दूसरे राज्यों की पुलिस होगी। लोकल स्तर पर भी पुलिस ने दोनों विधानसभा के कुछ गांवों में अलग से फोर्स लगाई है। दोनों सीटों पर एक-एक सीओ गश्त करेंगे।
यह रहेगा संख्याबल
चुनाव में 80 कंपनी सीपीएमएफ (सीआरपीएफ, आरएएफ, आईटीबीपी, एसएसबी, बीएसएफ) तैनात की गई है। 25 कंपनी फोर्स में पीएसी और आरआरएफ के जवान है। इनके अलावा पुलिस के 150 इंस्पेक्टर, 800 दरोगा, 550 हेड कांस्टेबल प्रमोटेड (एचसीपी), पांच हजार सिपाही और 55 सौ होमगार्डों की ड्यूटी लगाई गई है। सातों विधानसभा सीटों मेरठ शहर, मेरठ दक्षिण, किठौर, सरधना, सिवालखास, कैंट और हस्तिनापुर में 1-1 एडिशनल एसपी और मजिस्ट्रेट की जिम्मेदारी रहेगी।
5-8 मिनट में एक्शन
280 एक्शन मोबाइल टीम बनाई गई हैं। प्रत्येक में एक दरोगा समेत पांच पुलिसकर्मियों की ड्यूटी लगाई गई है। किसी भी मतदान केंद्र से सूचना पर एक्शन मोबाइल पांच से आठ मिनट में पहुंचेंगी। चार से पांच मतदान केंद्रों पर एक टीम लगाई गई। कंट्रोल रूम से जुड़ीं इन मोबाइल एक्शन टीम के सेंटर संवेदनशील मतदान केंद्रों के आसपास बनाए गए है।
बीएसएफ के वायरलेस सेट
चुनाव में इस बार पहली बॉर्डर सिक्योरिटी फोर्स (बीएसएफ) के हाई फ्रीक्वेंसी वायरलेस सिस्टम का भी सहारा लिया जा रहा है। एक पुलिस अधिकारी के अनुसार एसपी और सीओ की टीम इन वायरलेस सिस्टम का प्रयोग करेगी। आपातकालीन स्थिति में बीएसएफ को भी तुरंत बुलाया जा सकता है।
बढ़ सकती है संख्या
पुलिस-प्रशासन ने चुनाव के लिए 100 कंपनी सीपीएमएफ फोर्स मांगी थी। जिसमें से 80 कंपनी जिले में आ चुकी है। बताया जा रहा है कि मेरठ को पांच कंपनी अभी और मिल सकती है। आईजी जोन अजय आनंद ने सुरक्षा दृष्टि से सहारनपुर समेत कई जनपदों से फोर्स बुलाई है। दूसरे चरण के चुनाव में 12 फरवरी को मेरठ से फोर्स बाहरी जिलों के लिए रवाना हो जाएगी।