विधानसभा चुनाव तक कानून व्यवस्था बनाए रखना पुलिस अफसरों के लिए चुनौती बनी हुई है। ब्रह्मपुरी में शारदा रोड पर डकैती के बाद व्यापारी के बेटे अभिषेक की हत्या की गूंज लखनऊ और दिल्ली तक पहुंचने के बाद खुद पुलिस अफसर सड़कों पर उतर आए। पैरामिलेट्री फोर्स के साथ जहां भीड़भाड़ वाले क्षेत्रों में फ्लैग मार्च निकाला गया।
ब्रह्मपुरी कांड को लेकर व्यापारी वर्ग के अलावा राजनीतिक दलों के नेताओं ने भी कानून व्यवस्था को लेकर सवाल उठाए हुए हैं। नजदीक ही चुनाव हैं, इसलिए पुलिस अफसरों की नींद उड़ी है। रविवार को एसएसपी जे. रविंदर गौड ने एसपी सिटी और एसपी देहात के अलावा सभी सीओ को सख्त निर्देश देते हुए कहा कि किसी भी क्षेत्र में हर हाल में घटना न होने दी जाए। रविवार तक जिले में सात कपंनी पैरामिलेट्री फोर्स के अलावा तीन कंपनी पीएसी भी लगा दी गई। रविवार सुबह नौ बजे से लेकर शाम तक खुद एसएसपी ने शहर और देहात में निरीक्षण किया। रात्रि दो बजे तक भी सभी सीओ और थाना प्रभारियों को चेकिंग के निर्देश दिए गए।
450 रंगरूट सड़क पर उतारे
पुलिस लाइन में ट्रेनिंग कर रहे 450 रंगरूटों को भी ड्यूटी के लिए सड़कों पर उतारा गया है। कमिश्नर आवास चौराहा, जीरोमाइल, बेगमपुल, रुड़की रोड, सदर बाजार, दिल्ली रोड, ब्रह्मपुरी, शारदा रोड, टीपीनगर, मंडी गेट, शॉप्रिक्स मॉल तिराहा, भूमिया पुल, हापुड़ अड्डा, सराफा बाजार, वैली बाजार, इंदिरा चौक, हापुड़ रोड, शास्त्रीनगर सेंट्रल मार्केट, तेजगढ़ी चौराहे के अलावा लालकुर्ती और देहलीगेट में विशेष तौर से पुलिस को अलर्ट रहने के निर्देश दिए गए हैं। वहीं, मवाना, किठौर, खरखौदा, सरधना, परीक्षितगढ़, गंगानगर के अलावा हाईवे पर भी पुलिस को अलर्ट किया गया है।