मेरठ। पापा आपका स्कूल कैसा था? क्या आप के समय में भी ऑनलाइन पढ़ाई होती थी? मम्मी आपके स्कूल में लंच में पिज्जा ले जाने की इजाजत थी या नहीं? मम्मी पापा व शिक्षकों से उनके स्कूल के दिनों व बचपन के दिनों कि ऐसी ही बातें अब बच्चे पूछेंगे। एनसीईआरटी ने पहली से पांचवी कक्षा के बच्चों को पढ़ाई के साथ व्यवहारिक ज्ञान से जोड़ने के लिए एक्टिविटी एकेडमिक कैलेंडर जारी किया है।
इस कैलेंडर में शिक्षक व अभिभावकों को बच्चों को किताबों से हटकर कुछ गतिविधियां करानी होंगीं। इस एकेडमिक कैलेंडर को हिंदी, अंग्रेजी व उर्दू तीन भाषाओं में निकाला है। कैलेंडर में अंग्रेजी, हिंदी, गणित, उर्दू व एनवायरमेंटल स्टडी विषय को शामिल किया है। साथ ही कला, हेल्थ और फिजिकल एजुकेशन भी कैलेंडर में शामिल हैं।
पाठ्यपुस्तकों, चेप्टर्स, थीम्स, ई-संसाधन, वेब लिंक आदि संसाधनों की लिस्ट है। ताकि छात्र किताबों के साथ व्यवहारिक ज्ञान सीखें। टीचर्स स्टूडेंट्स के पेरेंट्स को व्हाट्सएप, फेसबुक, गूगल हैंगआउट, जी-मेल, टेलीग्राम आदि पर गाइडलाइंस भेज सकते हैं। विषय अनुसार सारा कंटेंट ई-पाठशाला, NROER और DIKSHA पोर्टल पर उपलब्ध है।
अच्छी पहल है
एनसीईआरटी की अच्छी पहल है। इससे बच्चों को घर में बैठकर बोरियत भी नहीं होगी और अभिभावकों का बच्चों से इंटरेक्शन भी बढ़ेगा। - असीम दुबे प्रिंसिपल दीवान स्कूल
पेरेंट्स टीचर्स से सवाल पूछ सकते हैं
एनसीईआरटी द्वारा पहली से पांचवी कक्षा के बच्चों के लिए एकेडमिक कैलेंडर एक्टिविटी के साथ जारी किया गया है। इसमें बच्चे पेरेंट्स और टीचर से उनके स्कूल टाइम के सवाल भी पूछ सकते हैं। - चंद्रलेखा जैन प्रिंसिपल सेंट जोन्स स्कूल