कड़ी सुरक्षा में रखे गए हैं बच्चे
मुजफ्फरनगर। गौड़ीय मठ से मुक्त कराए गए मिजोरम और त्रिपुरा के बच्चों को कड़ी सुरक्षा के बीच प्रशासन गुप्त स्थान पर रखा गया है। इनके परिजनों को सूचना दी गई लेकिन उन्होंने गरीबी के चलते आने से इंकार कर दिया है। अब चार्जशीट दाखिल होने के बाद प्रशासन कोर्ट में उनकी गवाही कराने के बाद घर भिजवाने की तैयारी कर रहा है।
सभी बच्चे दूरवर्ती मिजोरम व त्रिपुरा प्रांत के रहने वाले थे, जो पढ़ाने के लिए आश्रम में लाए गए थे। शुकतीर्थ के गौड़ीय मठ आश्रम से मुक्त कराए गए सभी दस बच्चे दूरवर्ती प्रांत मिजोरम व त्रिपुरा निवासी बेहद गरीब परिवारों से संबंध रखते हैं, जिन्हें पढ़ाई के नाम पर आश्रम में लाया गया था। मुक्त कराए जाने के बाद जिला प्रोबेशन अधिकारी मुशफेकिन ने उनके परिजनों से वार्ता कर मामले से अवगत कराया, लेकिन गरीबी के चलते परिजनों ने यहां आने से इंकार कर दिया। इस पर प्रशासन ने सभी बच्चों को उनके घर भेजने की योजना बनाई, लेकिन मुकदमे के दौरान बच्चों की हाजिरी मुमकिन नहीं होने के चलते सभी बच्चों को फिलहाल जनपद में ही अज्ञात स्थान पर कड़ी सुरक्षा में रखा गया है।
यह है मामला
भोपा थाना क्षेत्र के शुकतीर्थ के फिरोजपुर मार्ग स्थित गौड़ीय मठ में गत सात व आठ जुलाई को छापा मारकर चाइल्ड हेल्पलाइन व बाल कल्याण समिति की संयुक्त टीम ने पुलिस के साथ मिलकर कुल दस बच्चों को मुक्त कराया था। नौ जुलाई को चाइल्डलाइन समन्वयक राखी देवी ने मठ संचालक व अज्ञात के खिलाफ गंभीर धाराओं में मुकदमा पंजीकृत कराया था। इसके बाद पुलिस ने मठ संचालक भक्तिभूषण गोविंद महाराज व उसके शिष्य कृष्णमोहन दास को गिरफ्तार कर विशेष अपर सत्र न्यायाधीश पॉक्सो कोर्ट में पेश किया था, जहां से दोनों को जेल भेज दिया गया था।
इन्होंने कहा.........
इंस्पेक्टर भोपा संजीव कुमार ने बताया कि गौड़ीय मठ प्रकरण में पुलिस जांच पूरी कर मंगलवार रात चार्जशीट दाखिल कर दी गई है। दोनों आरोपियों पर लगे आरोप जांच में सही पाए गए हैं।