फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

एमबीबीएस छात्र संचित की मौत के बाद 14 चिकित्सकों के खिलाफ एफआईआर दर्ज

Fri, 23 Dec 2016 11:56 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो, मेरठ
विज्ञापन
फाइल फोटो - फोटो : अमर उजाला
विज्ञापन
एमबीबीएस छात्र संचित की मौत और उसके बाद हंगामे के मामले में करीब 14 चिकित्सकों के खिलाफ एफआईआर दर्ज करने का आईएमए (इंडियन मेडिकल एसोसिएशन) ने विरोध किया है। बृहस्पतिवार को आईएमए का एक प्रतिनिधिमंडल मंडलायुक्त आलोक सिन्हा से मिला। चिकित्सकों ने कहा कि पूरे मामले में मेडिकल बोर्ड बनाकर जांच कराई जाए। उसके बाद ही रिपोर्ट के आधार पर ही कार्रवाई हो। मामले में चुनिंदा लोगों को ही साजिश के तहत फंसाने का भी आरोप लगाया।
विज्ञापन


आईएमए अध्यक्ष डॉ. वीरोत्तम तोमर ने कहा कि धारा 304-ए में मेडिकल कॉलेज के करीब 14 चिकित्सकों के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया गया है। जबकि, सुप्रीम कोर्ट के आदेश हैं कि चिकित्सकों के खिलाफ मेडिकल बोर्ड बैठाकर जांच कराई जाए और उसके बाद ही कार्रवाई हो। लेकिन, यहां सारे मामले की अवहेलना की गई है। डॉ. विश्वजीत बैंबी ने कहा कि मेडिकल कॉलेज में आंतरिक सियासत हावी है, जिसके चलते कई चिकित्सकों को जानबूझकर फंसाया गया है। इस दौरान आईएमए महामंत्री डॉ. रेणु भगत, डॉ. शांति स्वरूप, डॉ. एसएन शर्मा, डॉ. उमंग अरोड़ा, संदीप पहल और मेडिकल कॉलेज के जूनियर चिकित्सक मौजूद रहे।

यह है मामला
12 फरवरी को एमबीबीएस इंटर्न छात्र संचित की मौत हो गई थी। छात्रों ने इलाज में लापरवाही का आरोप लगाकर हंगामा किया था। मामले में प्राचार्य डॉ. केके गुप्ता ने तत्कालीन जिलाधिकारी से मजिस्ट्रेट जांच कराने की संस्तुति की थी। अब कुछ महीने पहले जांच रिपोर्ट आई तो उसके आधार पर जिलाधिकारी ने एसएसपी को रिपोर्ट दर्ज करने का आदेश दिया था। जांच में डॉ. संचित के इलाज में लापरवाही बरतने के साथ ही उसकी मौत के बाद बिगड़े हालात के लिए सीनियर चिकित्सकों को दोषी माना गया था। मजिस्ट्रेट जांच में कहा गया कि सीनियर चिकित्सकों और विभागाध्यक्षों का जूनियर पर कोई नियंत्रण नहीं है।
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें