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छांगुर बाबा: बातों का जादू चलाकर युवतियों को फंसाता था बदर अख्तर सिद्दीकी, अब तक ये नाम आ चुके सामने

Sun, 20 Jul 2025 11:31 AM IST
मोहम्मद मुस्तकीम अमर उजाला नेटवर्क, मेरठ

सार

Meerut News: छांगुर बाबा के धर्मांतरण गिरोह से जुड़ा जिम ट्रेनर मेरठ का बदर अख्तर सिद्दीकी फरार है। उस पर दो युवतियों को बहला-फुसलाकर धर्म परिवर्तन व शादी कराने का आरोप अब तक सामने आया है। दोनों युवतियां लापता हैं।
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धर्मांतरण मामला, छांगुर बाबा का खास बदर अख्तर। - फोटो : सोशल मीडिया
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विस्तार
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धर्मांतरण के मास्टरमाइंड छांगुर बाबा के गुर्गे बदर अख्तर सिद्दीकी की घेराबंदी यदि मेरठ पुलिस करती तो अब तक कई और परिवारों को इंसाफ मिल जाता। सरूरपुर के बाद अब सिविल लाइन क्षेत्र की युवती के बारे में भी पता चला है। वह 2019 से लापता है। उसे भी बदर ने अपने जाल में फंसाया। पुलिस उस समय संज्ञान लेती तो युवती बरामद हो जाती और इनके गैंग का पर्दाफाश हो जाता। युवतियों के परिजनों का दर्द अब छलक रहा है। उनके साथ ही हिंदू सुरक्षा संगठन ने भी युवतियों को बरामद कर कार्रवाई की मांग की है।
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बदर अख्तर। - फोटो : सोशल मीडिया
सरूरपुर की युवती से पहले भी बदर ने एक अन्य युवती को अपने जाल में फंसाया था। वर्ष 2018 के बाद से वह लापता थी। मेरठ में कॉल सेंटर में जॉब करते वक्त बदर अख्तर सिद्दीकी के संपर्क में वह आई थी। उसे बदर ने अपनी बातों के जाल में फंसा लिया था। वह नोएडा में एक न्यूज चैनल में जॉब करने के लिए गई। वर्ष 2019 में आशा घर आई तो उसे पता चला कि कोई उसका क्रेडिट कार्ड इस्तेमाल कर रहा है। यह कार्ड बदर इस्तेमाल कर रहा था। इस दौरान युवती ने बताया था कि बदर ने उसे मारपीट के बाद जान से मारने की धमकी दी थी।
 

परिजनों ने 2019 में मेरठ के सिविल लाइन थाने में शिकायत का प्रयास किया, मगर तब उनकी सुनवाई नहीं हुई थी। अखिल भारतीय हिंदू सुरक्षा संगठन के राष्ट्रीय अध्यक्ष सचिन सिरोही का कहना है कि अभी तक मेरठ में दो युवतियों के बारे में पता चला है। अभी वेस्ट यूपी में कई और युवतियों को अपने चंगुल में बदर ने फंसा रखा है। युवतियां बरामद होंगी तो तो गिरोह के बारे में और खुलासे होंगे।
 

छानबीन पर भी नहीं मिली बहन
सिविल लाइन क्षेत्र की युवती के भाई ने बताया कि वह बहन से मिलने नोएडा की उस सोसाइटी में पहुंचे थे, जहां वह किराए पर रहती थी। उनको फ्लैट बंद मिला। गार्ड ने पूछने पर बताया गया कि उसने युवती को तीन बैग के साथ कार में बैठकर कहीं जाते हुए देखा था।
 
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अभी तक गुमशुदगी की रिपोर्ट नहीं लिखी
मेरठ लौटकर भाई ने सिविल लाइन थाने में तहरीर देकर गुमशुदगी दर्ज कराने का प्रयास किया था, लेकिन आरोप है कि तत्कालीन इंस्पेक्टर अब्दुर रहमान सिद्दीकी ने नोएडा का मामला बताकर परिवार को टरका दिया था। परिवार नोएडा और मेरठ पुलिस के चक्कर काटता रहा। अफसरों तक से गुहार लगाई लेकिन गुमशुदगी दर्ज नहीं हो सकी। अब जब बदर अख्तर का नाम दोबारा सामने आया है तो उनको बहन से मिलने की उम्मीद जगी है।
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