बिजनौर शंतरंज बोर्ड के साथ परिषदीय स्कूलों के बच्चें। स्रोत प्रशासन
बिजनौर। बच्चों को मोबाइल फोन और सोशल मीडिया की लत से दूर करने के लिए प्रशासन अग्रसर है। शतरंज खेलने से बच्चों में एकाग्रता, कल्पनाशक्ति व मानसिक गुणों का विकास होता है। अब तक पचास हजार बच्चों को शतरंज बोर्ड वितरित किए जा चुके हैं।
जिले को शतरंज का प्रमुख केंद्र बनाने के उद्देश्य से सभी सरकारी विद्यालयों में निशुल्क शतरंज बोर्ड वितरण किए जा रहे है। उन्हें शतरंज का प्रशिक्षण भी दिया जाएगा। अभिभावकों को भी प्रोत्साहित किया जा रहा है कि वे अपने बच्चों को शतरंज सिखाने वे उनके साथ खेलने में मद्द करे। इंदिरा बाल भवन में जिला शतरंज क्लब में बच्चों निःशुल्क प्रशिक्षण दिया जा रहा है। यह जिले में शतरंज प्रतिभाओं को निखारने में सहायक होगा।