मेट्रो की डीपीआर के लिए एलएमआरसी की टीम 11 मई को शहर में परीक्षण करने आएगी। बुधवार को इसकी तैयारियों को लेकर लखनऊ में हुई रिव्यू बैठक में सभी बिंदुओं पर विचार किया गया। दोनों कॉरिडोर में कम से कम 12 हजार करोड़ रुपये खर्च होंगे। साथ ही यदि जून में फाइनल डीपीआर मंजूर हो गई तो अगले छह साल में मेरठ में मेट्रो फर्राटा भरने लगेगी।
मेट्रो की ड्राफ्ट डीपीआर फाइनल हो चुकी है। इसे फाइनल रूप देने से पहले 11 मई को एलएमआरसी (लखनऊ मेट्रो रेल कारपोरेशन) की टीम मेरठ का दौरा करेगी। एमडी एलएमआरसी कुमार केशव के अलावा टेक्निकल टीम के अन्य सदस्य यहां आकर देखेंगे कि ड्राफ्ट डीपीआर धरातल पर कितने प्रतिशत काम करेगी। इसमें क्या अंतर होगा। उसी दिन शाम को बैठक होगी और फिर तमाम बिंदुओं पर चर्चा के बाद राइट्स को फाइनल डीपीआर बनाने के लिए कह दिया जाएगा।
देर शाम तक चली बैठक
11 मई के दौरे की तैयारियों को लेकर इसी पर लखनऊ एलएमआरसी के एमडी कुमार केशव की अध्यक्षता में बैठक का आयोजन हुआ। एमडीए की तरफ से इसमें नोडल अधिकारी प्रोजेक्ट विवेक भास्कर ने हिस्सा लिया। इसके अलावा बैठक में तकनीकी टीम निदेशक के आला अधिकारियों ने भाग लिया। टीम सभी पहलुओं पर विस्तार से मंथन किया। यह बैठक दो शिफ्ट में बुधवार को देर शाम तक चली। इसमें मेट्रो के एलाइनमेंट, कॉरिडोर, लैंड एवलेबिलिटी, वेंटीलेशन, फाइनेंसियल मॉडल, बजट, सोर्स ऑफ इनकम जैसे तमाम बिंदुओं पर चर्चा हुई।
2022 तक दौड़ेगी मेट्रो
बैठक में बजट पर विशेष चर्चा की गई। टीम ने माना कि खर्च बढ़ा है। पहले कॉरिडोर पर सात हजार, जबकि दूसरे कॉरिडोर पर पांच हजार करोड़ रुपये खर्च होंगे। यदि 11 मई को डीपीआर फाइनल करने के लिए राइट्स को निर्देश दिए गए और जून में डीपीआर फाइनल हो गई तो राह आसान होगी। उसके बाद मुख्य सचिव उप्र को इसे भेजा जाएगा। कैबिनेट के अनुमोदन से भारत सरकार को डीपीआर भेज दी जाएगी। यदि वहां से स्वीकृति के बाद वर्ष 2017 में भी इस पर काम शुरू हो गया तोे वर्ष 2022 तक मेरठ में मेट्रो फर्राटा भरने लगेगी।
डिपो लैंड से शुरू होगा निर्माण
ट्रैक पर काम डिपो लैंड से शुरू होगा। एटीपी विवेक भास्कर ने बताया कि मोदीपुरम, परतापुर या गोकलपुर आदि में डिपो होगा। वहीं से निर्माण शुरू होगा। दोनाें कॉरिडोर पर एक साथ काम करने का प्लान है।
मेट्रो के कॉरिडोर
प्रथम कॉरिडोर के प्रस्तावित स्टेशनों में परतापुर, डीएन पॉलिटेक्निक, रिठानी, शताब्दीनगर, संजय वन, माधवपुरम, ब्रह्मपुरी, बागपत रोड क्रॉसिंग, रेलवे रोड चौराहा, भैंसाली, बेगमपुल, एमईएस कालोनी कैंट, सोफीपुर, डोरली, गुरुकुल, पल्लवपुरम व मोदीपुरम हैं।
द्वितीय कॉरिडोर के प्रस्तावित स्टेशनो में श्रद्धापुरी फेस-2, कंकरखेड़ा, मेरठ कैंट, कैंट स्टेशन, रजबन बाजार, बेगमपुल, बच्चा पार्क, शाहपीर गेट, हापुड़ अड्डा चौराहा, गांधी आश्रम, मंगल पांडे नगर, तेजगढ़ी, मेडिकल कालेज, जागृति विहार एक्सटेंशन व गोकलपुर हैं।