मेरठ। आबकारी विभाग ने शराब में मिलावट की पहचान के लिए यूपी एक्साइज सिटिजन एप की सुविधा शुरू की है। इस एप से बोतल का क्यूआर कोड स्कैन करते ही असली या नकली का खुलासा हो जाएगा। क्यूआर कोड स्कैन नहीं हो पाता है तो इसका मतलब है कि शराब में गड़बड़ है।
जिला आबकारी अधिकारी प्रदीप कुमार ने बताया कि जिले में पंजीकृत 387 दुकानों पर क्यूआर कोड स्कैन करके उसकी कीमत, ब्रांड, आपूर्तिकर्ता और दुकान की आईडी तक की जानकारी मिल सकेगी। जिस बोतल का क्यूआर कोड स्कैन नहीं होगा उसमें मिलावटी शराब हो सकती है। इस एप से मिलावटी शराब की आपूर्ति रोकने में मदद मिलेगी।
उन्होंने बताया कि शराब में मिलावट और अन्य विसंगति आसानी से पकड़ी जा सकेगी। इसके साथ ही शराब में बोतल या केन पर क्यूआर कोड उपलब्ध न होने पर दुकानदार का लाइसेंस रद्द होगा। जिला आबकारी अधिकारी प्रदीप कुमार ने बताया कि शिकायत दर्ज करने के लिए टोल फ्री 14405 पर शिकायत दर्ज कर सकते है। थोक और फूटकर दुकानों की कड़ी निगरानी की जा सकेगी।