Meerut News: सेना भर्ती कार्यालय पर रविवार को परीक्षा देने पहुंचे युवकों से फर्जी एडमिट कार्ड मिला था, जिसके बाद ठगी का खुलासा हुआ। आरोपियों के पास से 14 फर्जी प्रवेश-पत्र और सेना की मुहर बरामद हुई हैं। सरगना समेत छह आरोपियों की तलाश की जा रही है।
सेना में भर्ती कराने के नाम पर युवकों से ठगी करने वाले गिरोह के लोग खुद ही सेना के अफसर और डॉक्टर बन जाते थे। वो फर्जी अधिकारी बन कर युवकों का फिजिकल और डॉक्टरी भी करते थे। बाद में उन्हें पास बताकर फर्जी प्रवेश पत्र देकर भाग जाते थे। भर्ती कराने के नाम पर पूरी धनराशि पहले ही ले लेते थे। इनमें से तीन आरोपियों को रविवार रात गिरफ्तार किया गया था, जबकि एक को सोमवार को गिरफ्तार किया गया। इन्हें कोर्ट में पेश किया, जहां से जेल भेज दिया गया।
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गिरोह के पकड़े गए चार सदस्य अकबरपुर बुकलाना सिंभावली जिला हापुड़ निवासी रोहित उर्फ पुष्पेंद्र गिरी, कंसाला रोहतक निवासी बिजेंद्र शर्मा, जीरकपुर मोहाली, पंजाब निवासी हरजीत सिंह उर्फ करण और राजपुर किला परीक्षितगढ़ निवासी नीरज गिरी हैं। पुलिस को इस गिरोह के मास्टरमाइंड दिल्ली निवासी प्रदीप राठी के अलावा सतीश कुमार, धर्मेंद्र, प्रताप समेत छह आरोपियों की तलाश है। इसके लिए तीन टीम लगाई गई हैं।
एसपी सिटी आयुष विक्रम सिंह ने पुलिस लाइंस में इस गिरोह के संबंध में जानकारी दी। बताया कि सदर बाजार थाना पुलिस और मिलिट्री इंटेलिजेंस ने रविवार को सेना में भर्ती कराने के नाम पर युवकों से ठगी करने वाले गिरोह के चार सदस्यों को पकड़ा था। इस गिरोह ने 19 युवकों से करीब 13 लाख रुपये की ठगी की है। सेना में फॉलोअर भर्ती की लिखित परीक्षा में शामिल होने के लिए गिरोह के सदस्यों ने 19 युवकों को फर्जी प्रवेश पत्र जारी कर उनसे ठगी की है।
रविवार को सेना भर्ती कार्यालय पर परीक्षा देने पहुंचे युवकों से फर्जी एडमिट कार्ड मिलने पर ठगी का खुलासा हुआ। आरोपियों से 14 फर्जी प्रवेश-पत्र और सेना की मुहर बरामद हुई हैं। ठगी का शिकार हुए पीड़ित फतेहगढ़ निवासी कुमार सौरभ पांडे, कन्नौज निवासी उमाकांत व अनुराग की ओर से सदर बाजार थाने में तीन प्राथमिकी दर्ज कराई गई है।
खुद के साथ हुए ठगी तो बना गया ठग
एसपी सिटी ने बताया कि यह गिरोह काफी समय से युवकों को ठग रहे थे। रुपये लेकर भाग जाते थे। इस बार एक युवक ने इन युवकों का मोबाइल में चुपके से फोटो ले लिया और उनकी कार भी फोटो खींच लिया था। इसके जरिए आरोपी पकड़े गए हैं। रोहित खुद ऐसी ही ठगी का शिकार हुआ था। उसने कुछ दिनों तक रुड़की में सेना में ऑउटसोर्स में काम भी किया। बाद में वह इस गिरोह से मिलकर खुद युवकों से ठगी करने लगा। उसके बैंक खाते में करीब ढाई लाख रुपये मिले हैं।