फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

CSIR-NET परीक्षा में धांधली: मेरठ की सुभारती यूनिवर्सिटी में STF का छापा, सॉल्वर गैंग के तीन सदस्य गिरफ्तार

Fri, 26 Jul 2024 11:26 PM IST
विजय पुंडीर अमर उजाला नेटवर्क, मेरठ

सार

सुभारती विश्वविद्यालय के कुलसचिव सैय्यद जफर हुसैन ने बताया कि परीक्षा के आयोजन से विश्वविद्यालय प्रबंधन का कोई संबंध नहीं है। विवि ने यह सेंटर एनएसईआईटी को किराये पर दिया है। इसमें सर्वर से लेकर परीक्षा कराने की जिम्मेदारी उसी कंपनी की है। 
विज्ञापन
नेट परीक्षा में फर्जीवाड़ा करने वाले आरोपी गिरफ्तार - फोटो : अमर उजाला
विज्ञापन

विस्तार
वॉट्सऐप चैनल फॉलो करें

दिल्ली-देहरादून हाईवे स्थित नेशनल स्टॉक एक्सचेंज इनफार्मेशन टेक्नोलॉजी (एनएसईआईटी) के सेंटर पर चल रही सीएसआईआर नेट की ऑनलाइन परीक्षा के दौरान एसटीएफ ने छापा मारा। यहां नकल कराते हुए तीन कर्मचारियों को हिरासत में लिया है। मौके से एक कंप्यूटर, दो लैपटॉप और डिवाइस बरामद किए गए हैं।

विज्ञापन


टीम को सर्वर रूम में एनएसईआईटी के कर्मचारी के पास एक मोबाइल मिला। मोबाइल में 15 छात्रों के रोल नंबर और उनके सिस्टम का आईपी एड्रेस था। एसटीएफ ने विनीत कुमार निवासी मवीमीरा इंचौली, अंकुर सैनी नूरनगर लिसाड़ी गेट, अरुण शर्मा निवासी सैदगढ़ी भीकमपुर बुलंदशहर को गिरफ्तार कर लिया है। जांच में सामने आया है कि 25 जुलाई के पेपर में भी नकल कराई गई थी।

एसटीएफ चीफ अमिताभ यश ने बताया कि गोपनीय सूचना के आधार पर सुभारती विश्वविद्यालय में एनएसईआईटी के सीएसआईआर-नेट के एग्जामिनेशन सेंटर में सर्च अभियान चलाया गया। लैब के सर्वर रूम से लोकल एरिया नेटवर्क के जरिये एक्स्ट्रा एडमिन कंप्यूटर मिला। सर्वर रूम में दो लैपटॉप मिले, जिसमें एनी डेस्क रिमोट एक्सेस टूल से छात्रों के कंप्यूटर की स्क्रीन शेयर की जा रही थी। एक मोबाइल भी एग्जाम कराने वाले कर्मचारी से मिला। मोबाइल में चार अभ्यर्थियों के नाम रोल नंबर और उनके सिस्टम का आईपी एड्रेस मिला। इस आईपी को सेंटर के बाहर एक व्यक्ति को शेयर किया गया था। इनके प्रश्नपत्र को बाहर से सॉल्वर द्वारा हल किया जा रहा था। 25 जुलाई को भी प्रथम और द्वितीय पाली में हुई परीक्षा में 11 अभ्यर्थी के नाम मोबाइल के डिलीट फाइल से मिले हैं।

सुभारती विश्वविद्यालय के कुलसचिव सैय्यद जफर हुसैन ने बताया कि परीक्षा के आयोजन से विश्वविद्यालय प्रबंधन का कोई संबंध नहीं है। विवि ने यह सेंटर एनएसईआईटी को किराये पर दिया है। इसमें सर्वर से लेकर परीक्षा कराने की जिम्मेदारी उसी कंपनी की है। पकड़े गए कर्मचारी अरुण शर्मा को बर्खास्त कर दिया गया है।

पहली शिफ्ट के पेपर में हुई गड़बड़ी
शुक्रवार को सीएसआईआर-नेट का पेपर दो शिफ्ट में था। पहली पाली सुबह नौ बजे से 12 बजे की थी। पेपर शुरू हो गया। करीब साढ़े 10 बजे एसटीएफ की टीम ने सेंटर पर छापा मारा। दूसरी शिफ्ट की परीक्षा दोपहर तीन बजे से छह बजे तक होनी थी। एसटीएफ ने पुराना सर्वर कस्टडी में ले लिया। एनएसईआईटी से दूसरा सर्वर मंगाकर दूसरी शिफ्ट का एग्जाम कराया गया।
पिछले महीने एनटीए ने टाल दी थी परीक्षा
विज्ञापन

नेशनल टेस्टिंग एजेंसी ने एक जून से सीएसआईआर-नेट के आवेदन मांगे थे। इसकी परीक्षा 25, 26 और 27 जून को होना था। नीट पेपर लीक विवाद के बीच परीक्षा की पारदर्शिता बनाए रखने के लिए एनटीए ने सीएसआईआर नेट के पेपर टाल दिए थे। इसके बाद एनटीए ने री-एग्जाम शेड्यूल जारी किया। 25 जुलाई को अर्थ, एटमॉस्फेरिक, ओसियन, प्लेनेट्री, साइंसेज और फिजिकल साइंस का पेपर हुआ। 26 जुलाई को मैथमेटिकल साइंस का पेपर हुआ। 27 जुलाई को लाइफ साइंस और केमिकल साइंस का पेपर होगा।

सुभारती विवि प्रबंधन का परीक्षा से कोई संबंध नहीं - अतुल कृष्ण
सुभारती समूह के संस्थापक डॉ. अतुल कृष्ण का कहना है कि कथित नेट परीक्षा के आयोजन से सुभारती विश्वविद्यालय प्रबंधन का कोई संबंध नहीं है। सुभारती विश्वविद्यालय को यह परीक्षा आयोजित करने का दायित्व नहीं दिया गया था और न ही सुभारती विवि द्वारा परीक्षा का आयोजन कराया गया है। 25 और 26 जुलाई को हुई परीक्षा एनटीए के माध्यम से नियुक्त एनएसईआईटी संस्था द्वारा आयोजित की गई। 24 जुलाई को मॉक परीक्षा करके सभी कंप्यूटर आदि की जांच की। इसके बाद केंद्र एवं स्थल को एनएसईआईटी ने अपने नियंत्रण में ले लिया था। विवि प्रबंधन जांच एजेंसी का पूरा सहयोग कर रहा है, जिससे अवैध कार्य करने वालों को चिह्नित किया जा सके। इस समय वह देहरादून में हैं, यदि आवश्यकता होगी तो कभी भी किसी भी जांच एजेंसी के समक्ष उपस्थित हो जाएंगे।
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें