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Meerut News: गृह कर वसूली के लिए चौपाल लगाएंगे, मकान का भौतिक सत्यापन कराना भी बताएंगे

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नगर निगम शहर के वार्डाें में चौपाल लगाने की तैयारी, स्वकर निर्धारण प्रपत्र भी भवन स्वामियों से भरवाएंगे अधिकारी
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माई सिटी रिपोर्टर
मेरठ। भवन स्वामियों से नए गृहकर की वसूली के लिए नगर निगम वार्डों में अपनी चौपाल लगाएगा। वसूली के साथ-साथ भवन स्वामी को स्वकर निर्धारण प्रपत्र देकर उन्हें भवन का भौतिक सत्यापन कराना बताया जाएगा। इसके लिए नगर निगम में 100 लोगों को अस्थायी तौर पर लगाने के लिए मंथन कर रहा है। निगम ने 2415 अस्थायी कर्मचारियों के साथ पुरानी कंपनी को ही 100 अतिरिक्त कर्मी देने का प्रस्ताव बनाया है।
नए गृहकर की वसूली पर अभी असमंजस की स्थिति बनी हैं। नगर निगम की बोर्ड बैठक में नए गृहकर पर रोक लगाकर पुराने गृहकर बिल वितरित कराकर वसूली करने का प्रस्ताव भाजपा के पार्षदों द्वारा रखा गया था। इस पर महापौर हरिकांत अहलूवालिया ने स्वीकृति दी थी। मंगलवार को भाजपा पार्षद अजय चंद्रा, राजीव गुप्ता उर्फ काले, पवन गोयल, अरुण मचल, रामपाल सिंह यादव सहित कई पार्षदों ने नगर आयुक्त को ज्ञापन दिया था। इसमें 2024-25 में बढ़े नए गृहकर न देने की कही और 2025-26 से नए गृहकर लेने का प्रस्ताव पार्षदों ने नगर आयुक्त सौरभ गंगवार के सामने रखा। नगर आयुक्त ने शासन को भाजपा पार्षदों के प्रस्ताव को भेजने की बात कही।
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संयुक्त व्यापार संघ अध्यक्ष अजय गुप्ता का कहना है कि पहले नगर निगम छूटे हुए भवनों से गृहकर की वसूली करे। नाम परिवर्तन शुल्क 50 हजार रुपये से घटाकर 10 हजार रुपये होना चाहिए। 2020 में भी नाम परिवर्तन शुल्क मनमर्जी से 500 रुपये से 50 हजार तक बढ़ाया गया था। शासन ने घटाने का नोटिफिकेशन जारी कर दिया। इसके बावजूद निगम ने महानगर के लोगों से बढ़ा नाम परिवर्तन शुल्क वसूला है। भवन स्वामियों को बढ़ा हुआ नाम परिवर्तन शुल्क की धनराशि वापस होनी चाहिए। इस मामले की शिकायत व्यापारी नगर आयुक्त से कर चुका है और इसकी शिकायत कमिश्नर से करेंगे।
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