मेरठ। अखिल भारतीय जाट महासभा ने रविवार को चौधरी चरण सिंह पर की गई टिप्पणी पर गहरी नाराजगी व्यक्त की। महासभा ने स्पष्ट किया कि ऐसी टिप्पणी किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
राष्ट्रीय महासचिव चौधरी युद्धवीर सिंह ने कहा कि चौधरी चरण सिंह किसानों के मसीहा थे। वे सर्वसमाज के सर्वमान्य नेता थे। उन्होंने टिप्पणी करने वाले अंतर्राष्ट्रीय जाट संसद के संस्थापक अध्यक्ष रामावतार पलसानिया को माफ न करने की बात कही। यह बातें उन्होंने लालकुर्ती स्थित महासभा कार्यालय पर आयोजित पत्रकारवार्ता में कहीं। वार्ता के दौरान जाट आरक्षण, आर्थिक व शैक्षिक उन्नति पर भी विचार रखे गए। संगठनात्मक सुदृढ़ता, नशा मुक्ति और सामाजिक कुरीतियों पर भी चर्चा हुई।
महासभा ने शिक्षा, संगठन और जागरूकता को बढ़ाने पर विशेष जोर दिया। राष्ट्रीय सचिव व प्रदेश प्रभारी चौधरी धर्मवीर खोखर ने इसे समय की सबसे बड़ी आवश्यकता बताया। मेरठ मंडल अध्यक्ष चौधरी सत्येंद्र सिंह तोमर ने चौधरी चरण सिंह को सर्वसमाज का नेता कहा। उन्होंने बताया कि चौधरी चरण सिंह ने अपने जीवनकाल में किसानों, गरीबों और वंचित वर्ग के कल्याण के लिए निरंतर कार्य किया। इस अवसर पर राष्ट्रीय सचिव रवींद्र बलियान सहित कई अन्य पदाधिकारी उपस्थित थे।