गोली लगे कुख्यात अल्ताफ उर्फ चटुवा ने पूछताछ में अपने 12 साथी लुटेरों के नाम बताए हैं। जिनकी तलाश में बृहस्पतिवार को क्राइम ब्रांच ने कई जगहों पर ताबड़तोड़ दबिश दी। वहीं, जिला अस्पताल से छुट्टी मिलते ही पुलिस ने चटुवा को जेल भेज दिया।
इस्लामाबाद, लिसाड़ीगेट निवासी अल्ताफ उर्फ चटुवा नौ दिसंबर 2013 को पुलिस कस्टडी से भागा था। कुख्यात अपराधी बने चटुवा पर 15 हजार रुपये का इनाम था। बुधवार को कंपनी बाग के पीछे पुलिस ने उसे घेर लिया था। जवाबी फायरिंग में पुलिस की गोली चटुवा के पैर में लगी थी।
जिला अस्पताल में भर्ती चटुवा से पुलिस और क्राइम ब्रांच ने बुधवार रात भर पूछताछ की। जिसके बाद क्राइम ब्रांच ने सोतीगंज, सदर बाजार और ब्रह्मपुरी इलाके में उसके साथियों के ठिकानों पर दबिश दी। लेकिन कोई हत्थे नहीं चढ़ा। पुलिस ने बताया कि चटुवा मेरठ में लूट करके गोली मारकर दिल्ली भाग जाता था। मेरठ में उसे कौन संरक्षण देता था और उसके लिए कौन रैकी करता था।
रिमांड पर होगी सही पूछताछ
चटुवा ब्रह्मपुरी, टीपीनगर, सदर बाजार थाने से वांटेड था। पुलिस का कहना है कि चटुवा को रिमांड पर लेकर सही से पूछताछ होगी। टीपीनगर में शेखो पेट्रोल पंप मालिक से 8.51 लाख की लूट, सदर बाजार में सेल्समैन इमरान से पांच लाख की लूट और ब्रह्मपुरी में 8.50 लाख की लूट की रकम चटुवा की निशानदेही पर बरामद की जाएगी।
कलुवा और यूसुफ की तलाश
पुलिस ने बताया कि चटुवा से अपने साथी कलुवा और यूसुफ निवासी सदर बाजार का नाम बताया है। चटुवा का भाई शहजाद रैकी करता था। सबसे पहले कलुवा और यूसुफ को गिरफ्तार किया जाएगा।