चांदपुर के मोहल्ला कटारमल निवासी रामेश्वर प्रसाद बंसल ने देश के स्वतंत्रता आंदोलन के दौरान वर्ष 1942 में राष्ट्रपिता महात्मा गांधी के भारत छोड़ों आंदोलन में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई थी। स्वतंत्रता सैनानी स्वर्गीय रामेश्वर प्रसाद बंसल आंदोलन के चलते अंग्रेजों की बात न मानने पर 17 नवंबर 1942 से 27 जनवरी 1944 तक करीब 436 दिन प्रदेशकी विभिन्न जेलों में रहे थे। स्वतंत्रता सेनानी स्वर्गीय रामेश्वर प्रसाद बंसल को पूर्व प्रधानमंत्री स्वर्गीय इंदिरा गांधी ने 15 अगस्त 1972 को स्वतंत्रता के 25वें वर्ष के अवसर पर स्वतंत्रता संग्राम में स्मरणीय योगदान के लिए तामपत्र देकर सम्मानित किया था।
पिता की याद में उनके पुत्र राकेश बंसल ने चौधरी चरण सिंह चौक को एतिहासिक बनाने के लिए स्मारक स्थल का सौन्दर्यीकरण कराते हुए करीब 122 फीट ऊंचा झंडा स्थापित कराया है। गुरुवार को गणतंत्र दिवस पर एसडीएम रितु रानी व बंसल परिवार ने क्षेत्र के गणमान्य लोगों की सहभागिता के साथ करीब 122 फीट ऊंचा झंडा फहराया गया। इस मौके पर कबड्डी में अच्छा प्रदर्शन करने वाले खिलाड़ियों को भी सम्मानित किया गया।