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पिता-पुत्री हत्या के मामले में बोले चंद्रशेखर, तीन दिन में हत्यारों को पकड़े पुलिस

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पिता-पुत्री हत्या के मामले में बोले चंद्रशेखर, तीन दिन में हत्यारों को पकड़े पुलिस
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मेरठ। भीम आर्मी संस्थापक चंद्रशेखर आजाद ने बृहस्पतिवार को शिवपुरम नई बस्ती पहुंचकर पीड़ित परिवार को सांत्वना दी। करीब 45 मिनट रुके चंद्रशेखर ने पिता-पुत्री की हत्या में घटना की पूरी जानकारी ली। उन्होंने मंडी चौकी इंचार्ज प्रवीण कुमार और एसआई कामिल से तीन दिन में हत्यारों को गिरफ्तार करने की मांग की।
चंद्रशेखर ने कहा कि दलितों का उत्पीड़न बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। उन्होंने हत्यारों पर रासुका लगाने, पीड़ितों को 50 लाख मुआवजा और परिवार के एक सदस्य को नौकरी दिलाने की मांग की। आजाद ने कहा कि इतनी बड़ी घटना को अंजाम देने के बाद भी हत्यारे पुलिस की पकड़ से बाहर हैं। इससे पीड़ित परिवार दहशत में है। चंद्रशेखर ने भीम आर्मी के 5 सदस्यों को पीड़ित परिवार की सुरक्षा, राशन, दवाई आदि के इंतजाम की जिम्मेदारी सौंपी। साथ ही कहा कि पार्टी की तरफ से इस मामले की कानूनी लड़ाई लड़ी जाएगी। उन्होने परिवार को इंसाफ दिलाने का वादा किया। इस मौके पर उनके साथ बदर अली, सुधीर वर्मा, भीम आर्मी जिलाध्यक्ष विकास हरित, चतर सिंह जाटव, बिजेंद्र सूद, रोबिन खैरवाल, रवि नागवंशी, मोनू भारती, जयप्रकाश, संजीव मौजूद रहे।
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शिवपुरम में सोशल डिस्टेंसिंग हुई तार-तार
मेरठ। शहर में धारा 144 लगी होने के बाद भी पुलिस भीम आर्मी संस्थापक चंद्रशेखर के काफिले को रोकने में नाकामयाब रही। चंद्रशेखर के पहुंचने पर शिवपुरम में भी भीड़ लगी रही। किसी ने सोशल डिस्टेंसिंग का पालन नहीं किया। नियमों को ताक पर रखकर वहां बैठक की गई और पुलिस मूकदर्शक बनी रही। चंद्रशेखर के स्वागत के लिए सिवाया टोल पर भी कार्यकर्ताओं की भीड़ जुटी।
पुलिस को चकमा देकर निकले चंद्रशेखर
मोदीपुरम। ट्रांसपोर्ट नगर के शिवपुरम में चंद्रशेेखर गुपचुप तरीके से पीड़ितों से मिलने पहुंचे थे। इस पर पुलिस-प्रशासन अलर्ट हो गया। सिवाया टोल प्लाजा पर सीओ दौराला जितेंद्र सरगम पुलिस बल के साथ तैनात रहे। खूफिया विभाग के भी अफसर थे। दोपहर करीब साढ़े 12 बजे लौटने के दौरान टोल पर पुलिस के खड़े होने की भनक चंद्रशेखर को लग गई। जिस पर वह सिवाया गांव के सामने बने कट से झाल के रास्ते सहारनपुर के लिए निकल गए। पुलिस चंद्रशेखर का इंतजार करती रह गई। वहीं सिवाया टोल प्लाजा पर चंद्रशेखर का स्वागत करने के लिए मौजूद कार्यकर्ताओं को मायूसी हाथ लगी। सीओ जितेंद्र सरगम का कहना है कि पुलिस को चंद्रशेखर के आने की सूचना मिली थी। धारा 144 लगी हुई है। इसलिए पुलिस बल तैनात किया गया था, ताकि वे भीड़ एकत्र न कर सकें।
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मौके पर दो दरोगा चार सिपाही पहुंचे
चंद्रशेखर के पहुंचने का पता लगते ही टीपी नगर थाने के दो दरोगा और चार सिपाही शिवपुरम पहुंचे। उन्होंने भी किसी ने रोकने का प्रयास नहीं किया। पीड़ित परिवार को सांत्वना देने के बाद चंद्रशेखर ने कार्यकर्ताओं से पूछा कि पुलिस के कौन से अधिकारी आए हैं। पता चला कि 2 दरोगा और 4 सिपाही हैं। इस पर चंद्रशेखर ने पुलिस अधिकारियों से खुद मिलने की बात कही।
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