बहसूमा। रामराज में विराट हिंदू सम्मेलन को मुख्य वक्ता संबोधित करते हुए
बहसूमा। गांव रामराज स्थित रामलीला मैदान में राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के शताब्दी वर्ष के उपलक्ष्य में विराट हिंदू सम्मेलन का आयोजन किया गया। इस दौरान समाज के समक्ष खड़ी वर्तमान चुनौतियों और भविष्य की रणनीतियों पर गहन विचार-विमर्श किया गया।
मुख्य वक्ता संत सरस्वतानंद महाराज ने कहा कि हिंदू समाज की वास्तविक शक्ति उसकी एकता, अनुशासन और सांस्कृतिक चेतना में निहित है। उन्होंने संघ के 100 गौरवशाली वर्षों का उल्लेख करते हुए समाज को जागृत रहने और एक सूत्र में पिरोने की आवश्यकता पर बल दिया। संत सरस्वतानंद ने कश्मीर की घटनाओं, लव जिहाद, घुसपैठ, धर्मांतरण और जनसंख्या असंतुलन जैसी समस्याओं पर चिंता व्यक्त की। उन्होंने इन मुद्दों पर राजनीतिक दलों द्वारा प्रमाण पत्र दिए जाने की प्रवृत्ति पर चिंतन की आवश्यकता बताई। महाराज ने कहा कि हिंदू समाज के पास प्रभु श्रीराम की मर्यादा, भगवान श्रीकृष्ण की कूटनीति, स्वामी दयानंद की क्रांति और भगवान बुद्ध व महावीर के शांति संदेश जैसे प्रेरक तत्व मौजूद हैं। रामराज खंड कारवां ब्रह्मचारी सिंह ने संघ की 100 वर्षों की यात्रा का विवरण प्रस्तुत किया। उन्होंने मुगलों के अत्याचारों का वर्णन करते हुए युवाओं को देश के दुश्मनों से लड़ने के लिए प्रेरित किया। कार्यक्रम का संचालन अंकुश शर्मा और मास्टर दिनेश बंसल ने किया।