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जिला पंचायत में कुर्सी की जंग तेज

Wed, 22 Mar 2017 01:56 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो/मेरठ
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लोगो - फोटो : अमर उजाला
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जिला पंचायत अध्यक्ष पद की कुर्सी को लेकर जंग तेज हो गयी है। अध्यक्ष गुट जहां कुर्सी बचाने के साथ ही भाजपाई खेमे को पटकनी देने की रणनीति में जुटा है। वहीं, विपक्षी खेमे ने 22 सदस्यों का शपथ पत्र अपने पक्ष में जुटाने का दावा करते हुए बुधवार को डीएम से मुलाकात कर शपथ सौंपने की बात कही है। वहीं, अतुल प्रधान गुट ने भी विपक्ष को मात देने की तैयारी शुरू कर दी है। 
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अध्यक्ष पद पर इस समय सपा नेता अतुल प्रधान की पत्नी सीमा प्रधान काबिज हैं। अध्यक्ष के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव लाने की कवायद विस चुनाव परिणाम आने के साथ शुरू हो गयी थी। इसमें विपक्षी खेमे ने जहां सीमा प्रधान के विरोध में 25 सदस्यों की मौजूदगी से अपनी शक्ति का अहसास कराया था तो सोमवार को सीमा प्रधान के पक्ष में मात्र छह ही सदस्य जमा हो पाये। ऐसे में अब सीमा प्रधान गुट ने भाजपाई खेमे को मात देने के लिए दूसरी चाल चलनी शुरू कर दी है। सूत्रों के अनुसार अतुल प्रधान गुट ने पूर्व कैबिनेट मंत्री शाहिद मंजूर के बेटे नवाजिश मंजूर को चुनाव लड़ने का ऑफर दिया है। 
बोलना होगा अविश्वास पर
वहीं, विपक्षी खेमे की अगुवाई कर रहे जिला पंचायत सदस्य कुलविंदर सिंह ने 22 सदस्यों के शपथपत्र तैयार होने का दावा किया है। उनका कहना है कि सब ठीक रहा तो बुधवार को डीएम से मुलाकात कर अविश्वास प्रस्ताव लाने के लिए शपथ पत्र सौंप दिया जाएगा।
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जिला पंचायत कार्यालय में होने वाले इस अविश्वास प्रस्ताव की बैठक में मौजूद न्यायाधीश के सामने प्रत्येक सदस्य को अविश्वास पर बोलना होगा। सदस्यों के पक्ष या विपक्ष में बोलने को मतदान माना जायेगा और उसकी वीडियोग्राफी होगी। इस बैठक के तत्काल बाद ही निर्वाचित जिला पंचायत अध्यक्ष की कुर्सी का फैसला हो जायेगा। साथ ही यदि अविश्वास प्रस्ताव पारित हो जाता है तो निर्वाचित जिला पंचायत सदस्यों में से किन्हीं तीन सदस्यों का प्रशासनिक मंडल बनेगा। इनमें से दो सदस्य किसी एक सदस्य को पूर्ण वित्तीय अधिकार सौंपे जाने की सहमति का पत्र देंगे। इसके बाद यह प्रशासनिक मंडल जिला पंचायत का कामकाज देखेगा। वहीं, इस अविश्वास प्रस्ताव पर चुनाव कराने की संस्तुति के साथ पत्र शासन को भेजा जायेगा। जिस पर शासन को छह माह के भीतर जिला पंचायत अध्यक्ष के लिए दोबारा चुनाव कराना होगा। 

ये शपथ पत्र सौंपते ही जिला पंचायत अध्यक्ष की कुर्सी का काउंट डाउन शुरू हो जाएगा। इस प्रक्रिया में कम से कम 18 सदस्यों का अविश्वास के लिए शपथ पत्र जरूरी होगा। इसके बाद सदस्यों की मांग पर अध्यक्ष के वित्तीय अधिकारी सीज करने और न करने का विवेकाधिकार डीएम का होगा। शपथपत्र मिलने पर डीएम द्वारा अविश्वास प्रस्ताव पर बैठक बुलाने की डेट घोषित कर दी जायेगी। इसके बाद जिला न्यायाधीश को पत्र लिखकर अविश्वास प्रस्ताव उनके समक्ष होने के लिए पत्र लिखा जायेगा। जिसके तहत जिला जज स्वयं या उनके द्वारा नामित न्यायाधीश  इस अविश्वास प्रस्ताव की बैठक की  अध्यक्षता करेंगे। 
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