आने वाले समय में सुबह-शाम चाय की चुसकी से बुढ़ापे को पीछे किया जा सके। झुर्री का असर चेहरे पर जल्दी से नहीं पड़ेगा। चेहरा ही नहीं बल्कि दिमाग के लिए भी यह चाय लाभदायक होगी। सीमैप (सेंट्रल इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिशनल एयरोमेटिक प्लांट्स) ऐसी चाय बना रहा है। यह काम अंतिम चरण में है। 2018 में बाजार में ये चाय उपलब्ध होगी।
सीमैप के प्रिंसिपल साइंटिस्ट और एयरोमेटिक प्लांट्स पर रिसर्च करने वाले प्रो. राकेश पांडे शुक्रवार को सीसीएसयू में थे। उन्होंने कहा निमेटोड (सूतकृमि) की मदद से एंटी एजिंग टी बनाने पर रिसर्च चल रही है। रिजल्ट अच्छा आया है। 2018 तक एंटी एजिंग चाय बाजार में आ जाएगी। सुबह-शाम इस चाय को पीने से बुढ़ापे को पीछे किया जा सकेगा। चेहरे पर निशान और झुर्री जल्दी से नहीं आएगी। अल्जाइमर और पार्किसन जैसे बीमारी नहीं होगी। चाय को मेडिशनल वैल्यू की तराजू पर तोल लिया गया है। सीमैप की बदौलत एंटी डायबेटिक दवा बीजेआर 34 में बाजार में उपलब्ध है। कई अच्छे प्रोजेक्ट पर काम चल रहा है।
ट्राइकोडरमा से आर्गेनिक में फायदा
प्रो. राकेश पांडे ने बताया सीमैप ने ऐसा ट्राइकोडरमा तैयार किया है, जिससे आर्गेनिक खेती और फर्टिलाइजर को फायदा पहुंचेगा। कम पानी में अच्छी फसल उगाई जा सकती है। किसानों को यह वितरित किया जा रहा है। इससे उत्पादन में इजाफा हुआ है। उन्होंने बताया खस की नई प्रजाति सिम वृद्धि तैयार की गई। यह बिना पानी के नौ महीने में तैयार हो जाती है। बुंदेलखंड और आसपास के क्षेत्र में यह काफी उगाया जा रहा है।
खानपान सुधारे, आयुर्वेद को समझें
प्रो. राकेश ने खानपान को सुधारने और आयुर्वेद को समझने की सलाह दी। उन्होंने कहा अखरोट और बादाम दो ऐसी चीजें है जिनका शरीर के विकास और बीमारियों से लड़ने में अहम योगदान है। तुलसी काफी फायदेमंद है। आयुर्वेद के कई प्रोडक्ट आखिर फायदेमंद क्यों है, इससे साइंस परदा हटा रही है।