डॉ. साेमेंद्र तोमर से मुलाकात करते सेंट्रल मार्केट के व्यापारी।
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मंत्री जी, कुछ तो करो। आवास विकास ने दुकानें खाली करने के नोटिस जारी कर दिए हैं। हमें तो बस सरकार और भगवान पर ही भरोसा है। अगर दुकानें खाली कराई गईं और ध्वस्तीकरण किया गया तो सैकड़ों परिवार बर्बाद हो जाएंगे। सेंट्रल मार्केट के व्यापारियों ने प्रदेश के ऊर्जा राज्यमंत्री डॉ. सोमेंद्र तोमर के सामने कुछ इस तरह अपना दुखड़ा रोया। हालांकि राज्यमंत्री ने व्यापारियों को सरकार की तरफ से सहयोग का आश्वासन दिया है।
व्यापारियों को आश्वासन देते सोमेंद्र तोमर।
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सेंट्रल मार्केट के सभी व्यापारियों ने आवास विकास की कार्रवाई के विरोध में बुधवार को दोपहर 12 बजे तक अपने प्रतिष्ठान बंद रखे। न्याय की गुहार लगाने के लिए किशोर वाधवा, रजत गोयल, राजीव गुप्ता, राकेश, मिति जैन, जितेंद्र, मनोज गर्ग, शुभम रस्तोगी, पंकज नारंग, अनिल आदि समेत 100 से अधिक व्यापारी तेजगढ़ी स्थित कार्यालय पर ऊर्जा राज्यमंत्री से मिलने पहुंचे।
शास्त्रीनगर सेंट्रल मार्केट।
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व्यापारियों ने उनसे कहा कि आवास एवं विकास परिषद ने सेंट्रल मार्केट में आवासीय भवनों में व्यावसायिक गतिविधियों के कारण प्लाट के आवंटन रद्द करने की कार्रवाई शुरू की है। दुकानदारों को दुकानें खाली करने के नोटिस दिए जा रहे हैं। आवास विकास परिषद के अधिकारियों को फिलहाल कोई कार्रवाई न करने के निर्देश दिए जाएं।
व्यापारियों की बात सुनने के बाद ऊर्जा राज्यमंत्री सोमेंद्र तोमर ने कहा कि मुख्यमंत्री सेंट्रल मार्केट के व्यापारियों के सहयोग में खड़े हैं। शीघ्र ही व्यापारियों के हित में कुछ अच्छा कदम उठाया जाएगा। सरकार स्थायी समाधान की तैयारी में है।
सुप्रीम कोर्ट एक कॉम्प्लेक्स के ध्वस्तीकरण का दे चुका है आदेश
सुप्रीम कोर्ट ने सेंट्रल मार्केट के 661/6 कॉम्प्लेक्स को अवैध मानते हुए 17 दिसंबर 2024 को ध्वस्तीकरण के आदेश दिए थे। व्यापारियों ने सुप्रीम कोर्ट में याचिकाएं दाखिल की थीं, जिसको न्यायालय ने रद्द कर दिया। आवास एवं विकास परिषद ने सुप्रीम कोर्ट के आदेश पर कॉम्प्लेक्स के सभी 21 दुकानदारों को 15 दिन में दुकानें खाली करने का तीसरा अंतिम नोटिस जारी कर दिया।
नोटिस में चेतावनी दी गई है कि दुकानें खाली न करने पर सुप्रीम कोर्ट की अवमानना का मामला बनेगा। बताया जा रहा है कि आरटीआई कार्यकर्ता लोकेश खुराना ने सुप्रीम कोर्ट में अवमानना याचिका भी दाखिल कर दी है। उधर, बताया जा रहा है कि आवास एवं विकास परिषद की ओर से आवास एवं व्यावसायिक गतिविधियां चलने पर करीब 80 मकानों के आवंटन निरस्त कर दिए गए, जिसको लेकर व्यापारियों में आक्रोश है।