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सेंट्रल मार्केट: गिरफ्तारी के डर से अंडरग्राउंड हुए व्यापारी, अधिकारियों की भी तलाश, इस केस में अब तक ये हुआ

Sun, 19 Oct 2025 10:35 AM IST
मोहम्मद मुस्तकीम अमर उजाला नेटवर्क, मेरठ

सार

Meerut News: शास्त्रीनगर स्थित सेंट्रल मार्केट प्रकरण में अवैध निर्माण करने और कराने वाले व्यापारी व अफसरों पर मुकदमा दर्ज किया गया है। अब इनकी नौचंदी थाना पुलिस तलाश कर रही है। 
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सेंट्रल मार्केट का वह कांप्लेक्स, जिसे लेकर इस विवाद की शुरुआत हुई थी। - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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सेंट्रल मार्केट प्रकरण में मुकदमा दर्ज होने के बाद व्यापारी भूमिगत हो गए हैं। व्यापारियों की गिरफ्तारी के लिए पुलिस टीम लग गई है। आवास विकास विभाग से अधिकारियों की भी सूची मांगी है कि आरोपी अधिकारी कहां-कहां पर तैनात हैं।
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एसपी सिटी आयुष विक्रम सिंह ने बताया कि सेंट्रल मार्केट प्रकरण में आवास विकास परिषद के 45 अफसरों और 22 व्यापारियों पर सरकारी आदेश न मानने और सरकारी कार्य में बाधा डालने का आरोप है। सुप्रीम कोर्ट ने 17 दिसंबर 2024 को सेंट्रल मार्केट के आवासीय भूखंड संख्या 661/6 पर बने व्यावसायिक कॉम्प्लेक्स को तीन महीने के भीतर खाली कराने तथा उसके बाद आवास विकास अधिकारियों को दो सप्ताह के भीतर इसे ध्वस्त करने का आदेश दिया था। 
 

इस कॉम्प्लेक्स में कुल 22 व्यापारी हैं। सुप्रीम कोर्ट ने पूरे प्रदेश में आवासीय भूखंडों पर व्यावसायिक भवनों पर भी यही कार्रवाई करने का आदेश दिया था। शास्त्रीनगर में आवास विकास परिषद ने आवासीय भूखंडों पर बने 1482 व्यावसायिक भवनों (दुकानों) को चिह्नित कर रखा है। 
 

शासन के आदेश पर आवास विकास के 49 अफसर चिन्हित किए गए, जिनके कार्यकाल में व्यवसायिक भवनों का निर्माण हुआ था। उनमें से चार की मौत हो चुकी है। इसलिए 45 अधिकारियों पर मुकदमा दर्ज किया गया। साथ ही दूसरे मुकदमे में 22 व्यापारियों पर आवास विकास की अवमानना का मुकदमा दर्ज किया है। 
 

शास्त्रीनगर के सेंट्रल मार्केट प्रकरण में गृह सचिव, आवास आयुक्त, एसएसपी और थाना प्रभारी से सुप्रीम कोर्ट ने 27 अक्तूबर तक जवाब मांग लिया था। उससे पहले ही अवर अभियंता उप्र आवास एवं विकास परिषद की तरफ से 21 व्यापारियों को नामजद और एक अज्ञात में मुकदमा दर्ज करा दिया। दूसरा मुकदमा आवास विकास परिषद के 45 अधिकारियों के खिलाफ दर्ज हुआ है। 
 

आरोपी व्यापारी मुकदमा दर्ज होने के बाद भूमिगत हो गए हैं। आवास विकास में तैनात रहे कुछ अधिकारी सेवानिवृत हो गए हैं, जबकि कुछ की तैनाती दूसरे जिलों में चल रही है। उनकी सूची मांगी गई है। 
 
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एसएसपी डा. विपिन ताडा ने बताया कि सभी आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए सीओ सिविल लाइन अभिषेक तिवारी और नौचंदी थाना प्रभारी ईलम सिंह को निर्देश दिए गए हैं। आवास विकास के अधिकारियों की सूची मांगी गई है। जल्द ही इनकी गिरफ्तारी कर सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
 
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