फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

Meerut News: सेंट्रल मार्केटः भाजपा की पिच पर सपा कर रही बैटिंग

विज्ञापन
सेंट्रल मार्केट में अतुल प्रधान को सुनते व्यापारी। .......... संवाद......... कादिर - फोटो : Archive
विज्ञापन
शहर का हृदय स्थल और व्यापारियों का बड़ा केंद्र सेंट्रल मार्केट इन दिनों एक ऐसा राजनीतिक पिच बन गया है जहां भाजपा के मजबूत किले में समाजवादी पार्टी बैटिंग कर रही है। आक्रामक शॉट खेल रही है। हैरानी यह है कि जो क्षेत्र पारंपरिक रूप से भाजपा का वोट बैंक माना जाता है वहां सपा वाले व्यापारियों के साथ खड़े नजर आ रहे हैं।
विज्ञापन


सेंट्रल मार्केट के विवाद मामले में जैसे कार्रवाई के आदेश हुए इस मुद्दे को लपकने में सरधना विधायक अतुल प्रधान ने देर नहीं की। वे न सिर्फ मौके पर खड़े नजर आते हैं बल्कि व्यापारियों की बात भी पऱमुखता से उठाते हैं। विधानसभा में भी सेंट्रल मार्केट का मुद्दा उठा चुके हैं। इस मामले में वे भाजपा और उनके जनपऱतिनिधयों को जमकर कोसते हैं। सपा के व्यापारी नेता शैंकी वर्मा हों या जीतू नागपाल दोनों सेंट्रल मार्केट के व्यापारियों के साथ खड़े नजर आ रहे हैं। यही वजह है कि पिछले दिनों इस सेंट्रल मार्केट में जहां हमेशा भाजपा के झंडे लगते हैं सपा के झंडे लहराते नजर आए थे। वहीं, दूसरी तरफ भाजपा के जनपऱितनिधि हों या पदाधिकारी इस मामले में पिछले दो दिन से नदारद हैं। व्यापारियों में इस बात को लेकर एतराज है कि वोट की राजनीति के समय साथ रहने वाले नेता अब प्रशासनिक कार्रवाई के समय दूरी क्यों बना रहे हैं। व्यापारी वर्ग हमेशा से भाजपा की रीढ़ रहा है। यह वर्ग खुद को उपेक्षित महसूस कर रहा है एेसे में सपा व्यापारियों के मुद्दे उठाकर वह सर्वसमाज की राजनीति का संदेश दे रही है।
-
व्यापारियों के असंतोष को भाजपा के खिलाफ हथियार बना रही सपा

पिछले दिनों सेंट्रल मार्केट में सपा के झंडे लहराना इस बात का प्रमाण था कि विपक्ष सत्ताधारी दल के कोर वोट बैंक में सेंध लगाने की जुगत में है। सपा नेता लगातार व्यापारियों के बीच बने रहकर यह संदेश देना चाह रहे हैं कि संकट की घड़ी में उनके साथ सिर्फ विपक्षी दल खड़ा है। हालांकि भाजपा नेताओं की दूरी का कारण प्रशासनिक नियमों की जटिलता भी है लेकिन व्यापारियों के बीच उनकी अनुपस्थिति व्यापारियों की नाराजगी का सबब बन रही है।
विज्ञापन


भाजपाइयों की खामोशी और सांसद का आश्वासन



विवाद बढ़ने पर सांसद अरुण गोविल और भाजपा के स्थानीय वरिष्ठ नेताओं ने सक्रियता दिखाई थी, आश्वासन भी दिया था। कुछ दुकानों के शटर भी खुलवाए थे जिससे लगा कि भाजपा स्थिति को संभालने में कामयाब रही है लेकिन पिछले दो दिनों की तस्वीर कुछ और ही बयां कर रही है।
विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें