सेंट्रल मार्केट में कार्रवाई से पहले छाती पीटकर विरोध जाते कौशिक समाजिक संगठन के पदाधिकारी व
- फोटो : Archive
शास्त्रीनगर स्थित सेंट्रल मार्केट में मंगलवार का दिन तबाही की आहट लेकर आया। सुप्रीम कोर्ट के 9 अप्रैल तक सीलिंग के सख्त आदेश के बाद प्रशासन ने अपना शिकंजा पूरी तरह कस दिया है। इस कार्रवाई की मार व्यापारियों के साथ ही शिक्षा, स्वास्थ्य और बैंकिंग व्यवस्था पर भी पड़ी है। आवासीय भूखंडों पर संचालित हो रहे 6 नामचीन अस्पतालों के लाइसेंस निरस्त कर दिए गए हैं वहीं तीन प्रमुख बैंकों की शाखाओं को भी दूसरी जगह शिफ्ट कर दिया गया। साथ ही क्षेत्र के 5 बड़े स्कूलों के गेट पर ताले लटकने से हजारों बच्चों की पढ़ाई पर अनिश्चितता के बादल मंडरा रहे हैं। इधर, कार्रवाई के विरोध में व्यापारियों ने मुख्य सेंट्रल मार्केट को पूरी तरह बंद रखा और धरना-प्रदर्शन किया। व्यापारी छाती पीटकर बोले, लुट गए व्यापारी। मुख्यमंत्री का नाम लेकर कहा कि कुछ करिए व्यापारी लुट गए। व्यापारी काफी देर तक छाती पीटते हुए ऐसा कहते रहे।
मंगलवार सुबह जब बच्चे स्कूल पहुंचे तो उन्हें अंदर जाने के बजाय गेट पर लटके ताले और अनिश्चितकालीन बंदी के नोटिस मिले। अमेरिकन स्कॉलर, डीआरएस पब्लिक स्कूल, मॉडर्न पब्लिक स्कूल और लिटिल फ्लावर स्कूल पूरी तरह बंद रहे। मेरठ पब्लिक स्कूल (गर्ल्स विंग) में भी लंच के बाद छुट्टी कर दी गई। सत्र के बीच में स्कूलों की बंदी से अभिभावकों में भारी आक्रोश है। 1200 से अधिक छात्र-छात्राओं के भविष्य को लेकर सवाल खड़ा हो गया है कि बीच सत्र में उन्हें नया दाखिला कहां और कैसे मिलेगा। प्रबंधकों ने फिलहाल एक सप्ताह की छुट्टी घोषित कर दी है लेकिन सीलिंग के डर से कई स्कूलों ने अपना फर्नीचर और रिकॉर्ड पैक करना शुरू कर दिया है।
इधर स्वास्थ्य विभाग ने सुप्रीम कोर्ट के आदेश का संज्ञान लेते हुए सेंट्रल मार्केट के भीतर आवासीय भूखंडों पर चल रहे 6 अस्पतालों के पंजीकरण/लाइसेंस तत्काल प्रभाव से निरस्त कर दिए हैं। सीएमओ डा. अशोक कटारिया ने बताया कि सुप्रीम कोर्ट के आदेश पर डाॅ. तिवारी अल्ट्रासाउंड सेंटर, डाॅ. अशोक गर्ग नर्सिंग होम, जनप्रिय नर्सिंग होम, सुधा हॉस्पिटल, वर्धमान हॉस्पिटल और सन फोर्ड हॉस्पिटल के लाइसेंस निरस्त कर दिए गए। वर्धमान अस्पताल, सनफोर्ड और डॉ. अशोक गर्ग नर्सिंग होम जैसे प्रमुख केंद्रों से गंभीर मरीजों को एंबुलेंस के जरिए मेडिकल कॉलेज और अन्य निजी अस्पतालों में शिफ्ट किया गया। एक्सीडेंट में घायल और सांस की बीमारियों से जूझ रहे मरीजों को बीच इलाज में ही डिस्चार्ज कर दिया गया जिससे परिजनों की आंखों में आंसू और चेहरे पर दहशत साफ दिखी। अस्पतालों ने अपने नाम के बोर्ड और बैनर भी उतार लिए हैं।
सेंट्रल मार्केट में व्यावसायिक गतिविधियों पर प्रतिबंध का असर अब वित्तीय सेवाओं पर भी दिखने लगा है। क्षेत्र में संचालित पंजाब नेशनल बैंक और दो निजी बैंकों ने अपनी शाखाएं शिफ्ट कर दी हैं। पीएनबी के सहायक महाप्रबंधक ने कहा कि सेंट्रल मार्केट आवास विकास बिल्डिंग के पास सेक्टर दो ब्रांच को पीवीएस के पास डीएवी ब्रांच में शिफ्ट किया गया है। खाताधारक को कोई असुविधा न हो इसके लिए विशेष ध्यान रखा गया है। हालांकि सीबीएस सिस्टम में उपभोक्ताओं पीएनबी की हर ब्रांच में सुविधा मिलेगी। उधर दो प्राइवेट बैंक भी स्थान परिवर्तन किया है।
सेंट्रल मार्केट में कार्रवाई से पहले छाती पीटकर विरोध जाते कौशिक समाजिक संगठन के पदाधिकारी व- फोटो : Archive