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सेंट्रल मार्केट : टीस दे रहीं ध्वस्तीकरण की यादें, चैन छीन रहा मलबा

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मेरठ। शास्त्रीनगर के सेंट्रल मार्केट में 661/6 कॉम्प्लेक्स के ध्वस्तीकरण की यादें यहां दुकानें चलाने वाले 22 व्यापारियों और उनके परिवारों को टीस दे रही हैं। 35 साल से व्यापार कर रहे दुकानदारों की दुकानें सुप्रीम कोर्ट के आदेश पर मलबे में तब्दील कर दी गईं हैं। मलबे का करीब 20 फुट ऊंचा ढेर दुकानदारों का चैन छीन रहा है। बाजार से आने-जाने वाले लोग भी मलबे के ढेर को देखकर रुक जाते हैं।
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दुकानदारों का कहना है कि उनकी जीवनभर की कमाई एक ही झटके में चली गई। कमिश्नर ने अस्थायी दुकानें ध्वस्तीकरण स्थल पर लगाने के आदेश दिए हैं लेकिन मलबा हटे बिना यह संभव नहीं है। वहीं कॉम्पलेक्स का 450 वर्ग मीटर के करीब क्षेत्रफल है। इस पर 22 दुकानदार कैसे दुकानें लगाएंगे। इसके लिए कोई रूपरेखा तैयार नहीं की गई है। मलबा ऐसे ही पड़ा है। जिसे देखकर जख्म हरे हो रहे हैं।
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सघन आबादी में दस अवैध कॉम्प्लेक्स मामले में सुनवाई 6 को

मेरठ। शहर की सघन आबादी में बनाए गए दस अवैध कॉम्प्लेक्स के मामले में सुनवाई अब 6 नवंबर को होगी। मामले में बृहस्पतिवार को हाईकोर्ट में सुनवाई नहीं हो सकी। शास्त्रीनगर सेंट्रल मार्केट के अवैध कॉम्प्लेक्स पर ध्वस्तीकरण की कार्रवाई के बाद शहर के अन्य कॉम्प्लेक्स पर भी सवाल खड़े किए जा रहे हैं। मिशन कंपाउंड निवासी आरटीआई कार्यकर्ता मनोज चौधरी ने बताया कि मामले में जनहित याचिका दायर की गई है। आरोप है कि मेडा अधिकारियों की मिलीभगत से पीएल शर्मा रोड पर अवैध कॉम्प्लेक्स बनते जा रहे हैं। बेहद व्यस्त और भीड़भाड़ वाले क्षेत्र में मानकों के विपरीत काॅम्प्लेक्स बना दिए गए हैं। ऐसे ही लाला का बाजार, शीशमहल, खैरनगर, वैली बाजार, पत्थरवालान आदि तमाम इलाकों में बेहद संकरी गलियां हैं। वहां भी कॉम्प्लेक्स बन गए हैं।
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